क्या ब्रेन ड्रेन रुक गया? गोल्डन सर्कल ⭕ हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है, और इसे होना भी चाहिए! यह एक ऐसा ढांचा है जो हमारे जीवन के उद्देश्य और समाधानों को विश्लेषण करता है—हम जो करते हैं,

क्यों करते हैं? हर दिन हमारे सामने ढेर सारे सवाल आते हैं—कुछ सामान्य, तो कुछ हमारे व्यक्तित्व को गढ़ने में बेहद महत्वपूर्ण। हाल ही में मुझे कुछ ऐसे असाधारण लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला, जो भारत के शीर्ष संस्थानों—IIT, IIM, और NIT—से हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए ये प्रतिभाशाली युवा भारत का भविष्य हैं। और सबसे खास बात? ये सभी छत्तीसगढ़ के एक बड़े समूह में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं! यह छत्तीसगढ़ के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है। लेकिन मेरे मन में एक सवाल कौंधता है: क्या इन बेहतरीन प्रतिभाओं को नौकरी देना नौकरी संकट का जवाब है, या फिर हमने वाकई ब्रेन ड्रेन 🧠 को रोकने का रहस्य खोज लिया है? अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक शानदार उपलब्धि है! मगर वैश्विक परिदृश्य आजकल बहुत अनुकूल नहीं है—अवसर कम हो रहे हैं, और चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। क्या आपके पास इस पहेली का जवाब है? अगर हाँ, तो कृपया मुझे बताएँ! 🙏 डॉ. रज्जू कुमार, एक आकस्मिक इंजीनियर “मैं यूँ ही आकस्मिक इंजीनियर नहीं बना!”
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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