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किसान विरोधी सरकार: प्रदेश में खाद, यूरिया की भारी कमी से किसान परेशान – जसबीर सिंग

On: August 14, 2025 4:39 PM

किसान विरोधी सरकार: प्रदेश
में खाद, यूरिया की भारी कमी से किसान परेशान – जसबीर सिंग

रायपुर,( वायरलेस न्यूज़ 14 अगस्त 2025) । आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री जसबीर सिंग चावला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग सभी सोसाइटियों में खाद और यूरिया की कमी की निरंतरता से बनी हुई है, सरकार सिर्फ बहाने बना रही है।

इस खरीफ सीजन में सरकार किसानों को समय पर यूरिया और डीएपी खाद नहीं दे पायी है जिससे प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ गई है। खाद की कमी से उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है। सरकार की लापरवाही से किसानों की जरुरत से सिर्फ एक

चौथाई ही खाद मिल पाई है। सोसाइटियों में पर्याप्त खाद नहीं होने से निजी दुकान संचालक फायदा उठा रहे हैं। किसानों को 266 रुपए की यूरिया खाद 1000 में लेना पड़ रहा है,वही 1350 की डीएपी को 2000 तक में लेना पड़ रहा है। यह सब सरकार के संरक्षण में कृत्रिम कमी दिखाकर किसानों को निजी विक्रताओं से खाद यूरिया बीज खरीदने को जानबूझकर मजबूर किया जा रहा है ताकि निजी विक्रेताओं को लाभ पहुँचाकर उनसे मोटा कमीशन लिया जा सके। प्रदेश के दुर्ग राजनांदगांव बेमेतरा महासमुंद बिलासपुर धमतरी सहित कई जिलों की सहकारी समितियां में सरकार खाद की आपूर्ति नहीं कर पाई है जिससे इस साल फसल उत्पादन घटने की संभावना है।

प्रदेश सरकार की नाकामी से सबका पेट भरने वाला किसान आज परेशान है,प्रदेश के कई जिलों में कम वर्षा के कारण खेतों में दरारे पड़ रहीं हैं अगर किसानों को समय पर यूरिया और खाद मिल जाता तो शायद ये स्थिति ना होती। सरकार की गैर जिम्मेदारी से किसान अगर आत्महत्या को मजबूर होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

छत्तीसगढ़ में एग्री स्टेट पोर्टल में भू अभिलेख डाटा अपडेट नहीं होने के कारण हजारों किसानों की फार्मर आईडी के पंजीयन के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। ज्यादातर गांव में वर्ष 2022 के बाद जमीन संबंधी डाटा एग्री स्टेट पोर्टल में अपडेट ही नहीं हो पाया है। जिससे किसान चिंतित है क्योंकि छत्तीसगढ़ खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण 15 अगस्त से 30 सितंबर तक किया जाएगा। जिसमें लाखों किसानों का डिजिटल सर्वेक्षण नहीं हो पाएगा। प्रदेश में अब तक 20551 गावों में से सिर्फ 14560 गावों का जियो रेफ़्रेन्स का कार्य हुआ है। खरीफ वर्ष 2025 में धान खरीदी के लिए किसने का फार्मर आईडी होना आवश्यक है, निश्चित ही छत्तीसगढ़ की साय सरकार किसान विरोधी सरकार है।

आम आदमी पार्टी राज्य में किसानों को हो रही इन परेशानियों पर सरकार का विरोध करती है और यदि जल्द ही सरकार ने किसानों की परेशानियां दूर नहीं की तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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