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नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में गूंजा महिला सशक्तिकरण का स्वर* *रैली में उमड़ा उत्साह, मिस कॉल और हस्ताक्षर के जरिए दिया अपना समर्थन* *33 प्रतिशत भागीदारी पर महिलाओं ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार*

On: April 15, 2026 1:17 PM

*नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में गूंजा महिला सशक्तिकरण का स्वर*

*रैली में उमड़ा उत्साह, मिस कॉल और हस्ताक्षर के जरिए दिया अपना समर्थन*

*33 प्रतिशत भागीदारी पर महिलाओं ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार*

बिलासपुर, ( वायरलेस न्यूज 15 अप्रैल 2026) /न्यायधानी बिलासपुर में आज नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन लालबहादुर शास्त्री स्कूल स्थित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रावधान का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाएं महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडे की अगुवाई में शामिल हुई। सभागार महिलाओं की भारी उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और पूरे कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बना रहा।
महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो उन्हें निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का यह प्रावधान महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है और यह अधिनियम महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडे ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आधी आबादी को पूरा हक देने का कार्यक्रम है, जो महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और नेतृत्व के अवसर प्रदान कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, साहस और सृजन का प्रतीक माना गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” की भावना को आत्मसात करते हुए यह पहल महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने बिलासपुर को शक्ति की पावन भूमि बताते हुए कहा कि यहां आदिशक्ति मां महामाया विराजमान हैं, जिनकी कृपा से महिलाओं को निरंतर प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है। साथ ही उन्होंने वीरांगना बिलासा देवी का स्मरण करते हुए कहा कि यह धरती नारी साहस और स्वाभिमान की गौरवशाली परंपरा की साक्षी रही है, जिसे आज की महिलाएं आगे बढ़ा रही हैं।
कार्यक्रम को श्रीमती वंदना ऊईके एवं श्रीमती लता राठौर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में ब्रम्हकुमारी दीदी विनीता भगनानी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर श्रीमती स्नेहलता शर्मा, श्रीमती गायत्री साहू, प्रिया सिंह, गौरी गुप्ता, श्रीमती नागेश्वरी साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह, डीएसपी नूपुर उपाध्याय, डीएसपी मंजुलता केरकेट्टा, श्रीमती रेणुका पिंगले, महिला पार्षद श्रीमती सुनीता जगत, रेखा सूर्यवंशी, कमला पुरषोत्तम, रूपाली गुप्ता, संगीता परिहार, रेखा पांडे, श्रीमती मनोरमा सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

*बाईक रैली निकालकर महिलाओं ने जताया अभूतपूर्व समर्थन*
सभा के बाद शहर में नारी शक्ति वंदन रैली का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। रैली का नेतृत्व महापौर पूजा विधानी एवं महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पांडे ने किया। रैली लाल बहादुर शास्त्री स्कूल से प्रारंभ होकर गोलबाजार, सदर बाजार, प्रताप चौक, राम सेतु चौक होते हुए अरपा रिवर व्यू स्थित अटल परिसर में संपन्न हुई। रैली के दौरान महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और जागरूकता के संदेश दिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उनके द्वारा विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का प्रावधान किए जाने को ऐतिहासिक कदम बताया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पहुंची श्रीमती पल्लवी क्षत्री, प्रिया सिंह एवं गौरी गुप्ता सहित अन्य महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संसद एवं विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए की गई पहल सराहनीय है। पूरे देश की महिलाओं में खुशी का माहौल है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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