जस्टिस कृष्ण राम महापात्र होंगे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस
जस्टिस रमेश सिन्हा के 4 सितंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद संभालेंगे पदभार
न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र का न्यायिक सफर, 26 वर्षों के विधिक अनुभव के बाद बने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश

बिलासपुर (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज) सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र के नाम की सिफारिश की है। यह सिफारिश वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद की जाने वाली नियुक्ति होनी है कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद अब केंद्र सरकार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने पर उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी। जस्टिस महापात्र के मुख्य न्यायाधीश बनने के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था को नया नेतृत्व मिलेगा।
न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ। उन्होंने बी.ए. और एलएल.बी. की शिक्षा प्राप्त की। वे दिवंगत न्यायमूर्ति शरत चंद्र महापात्र के सुपुत्र हैं।
न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र ने 7 फरवरी 1988 को उड़ीसा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। अधिवक्ता के रूप में उन्होंने लगभग 26 वर्षों तक विभिन्न विधि क्षेत्रों में व्यापक अनुभव हासिल किया। उनके विधिक अभ्यास में दीवानी, सेवा, आपराधिक एवं संवैधानिक कानून के साथ-साथ अभिभावक एवं संरक्षक कानून, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता कानून, हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण कानून तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
उन्होंने अपने अधिवक्ता कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार तथा उड़ीसा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता (Additional Standing Counsel) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
इसके अलावा, उन्होंने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक्स लिमिटेड, क्योंझर, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड तथा बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के अधिवक्ता के रूप में विधिक सेवाएं प्रदान कीं।
कानून के विभिन्न क्षेत्रों में उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें 17 अप्रैल 2015 को उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।
न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र का न्यायिक सफर एक ऐसे विधिवेत्ता की यात्रा को दर्शाता है, जिन्होंने लंबे समय तक अधिवक्ता के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में कानून की गहन समझ विकसित करने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में न्यायिक दायित्व संभाला।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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