🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

ग्रामीण स्कूली बच्चों ने हर्बल बीज युक्त मिट्टी के गणेश बनाकर  दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

On: September 20, 2026 3:17 PM

🌱 हर्बल बीज युक्त मिट्टी के गणेश बनाकर बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) लखराम में पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर लखराम द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला लखराम में कक्षा 5वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए हर्बल बीज युक्त मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्माण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. रश्मि जितपुरे, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर लखराम ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ अपने हाथों से मिट्टी के गणेश बनाए तथा उनमें हर्बल पौधों के बीज सम्मिलित किए

डॉ. रश्मि जितपुरे ने बच्चों को बताया कि मिट्टी एवं बीज से निर्मित गणेश प्रतिमाएं पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ प्रकृति से जुड़ने का सुंदर माध्यम हैं। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद मिट्टी जल एवं धरती में मिल जाती है तथा अनुकूल परिस्थितियों में उसमें मौजूद बीज पौधों के रूप में विकसित हो सकते हैं। इससे बच्चों में “पूजा के साथ प्रकृति की रक्षा” का भाव विकसित होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं रासायनिक रंगों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए प्राकृतिक मिट्टी और हर्बल बीज युक्त गणेश प्रतिमा अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार की गई गणेश प्रतिमाओं को प्रदर्शित किया। बच्चों द्वारा बनाई गई सुंदर एवं रचनात्मक प्रतिमाएं कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर लखराम की इस पहल के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, प्रकृति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दिया गया।

संदेश:

“मिट्टी के गणेश अपनाएं, हर्बल बीजों से हरियाली बढ़ाएं — आस्था भी बचाएं, पर्यावरण भी बचाएं।”

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment