**M.Tech. के दौरान अनुभव की अवधि ओवरलैप होने मात्र से पूरी सेवा-अनुभव को अमान्य नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट
बिलासपुर। ( वायरलेस न्यूज) छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने Training Officer (Workshop Calculation & Engineering Drawing) के पद पर नियुक्ति से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि किसी अभ्यर्थी के उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम की अवधि और उसके शिक्षण अनुभव की अवधि में आंशिक ओवरलैप होने मात्र से उसके पूरे अनुभव प्रमाण-पत्र को अमान्य नहीं किया जा सकता।
यह आदेश WPS No. 8625/2023, मयंक शर्मा विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य में माननीय न्यायमूर्ति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी द्वारा 24 सितंबर 2026 को पारित किया गया। मामले में याचिकाकर्ता मयंक शर्मा ने Training Officer (Workshop Calculation & Engineering Drawing) के पद के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया था। वे अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थी थे तथा उनके पास Mechanical Branch में Bachelor of Engineering एवं M.Tech. की डिग्री थी। लिखित परीक्षा में उन्होंने संबंधित ट्रेड की संयुक्त मेरिट सूची में 17वां स्थान प्राप्त किया तथा दस्तावेज सत्यापन में भी शामिल हुए, इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया। व्यथित होकर याचिकाकर्ता ने माननीय न्यायालय के में रिट याचिका अधिवक्ता के माध्यम से दायर की और नियुक्ति कीमांग की गई
रिट याचिका में जब माननीय न्यालय ने विभाग से जवाब मनाग तब जवाब में यहाँ अप्पति ले गई की याचिकाकर्ता ने वर्ष 2009 से 2011 के बीच M.Tech. किया था, जबकि अनुभव प्रमाण-पत्र के अनुसार उन्होंने 15 जून 2010 से 17 मई 2023 तक Assistant Professor (Mechanical Branch) के रूप में कार्य किया। राज्य की ओर से यह तर्क दिया गया कि M.Tech. की नियमित पढ़ाई और शिक्षण अनुभव की अवधि में ओवरलैप होने के कारण पूरा अनुभव प्रमाण-पत्र अमान्य माना जाना उचित था। जिसपर अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यदि M.Tech. की ओवरलैपिंग अवधि को भी अनुभव से अलग कर दिया जाए, तब भी याचिकाकर्ता के पास निर्धारित न्यूनतम अनुभव से कहीं अधिक शिक्षण अनुभव उपलब्ध है।
माननीय हाईकोर्ट ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण रूप से कहा कि यदि वर्ष 2009 से 2011 की ओवरलैपिंग अवधि को भी अनुभव से बाहर कर दिया जाए, तब भी याचिकाकर्ता के पास लगभग 10 वर्ष का शिक्षण अनुभव बचता है, जो विज्ञापन में निर्धारित न्यूनतम एक वर्ष के अनुभव से काफी अधिक है। न्यायालय ने यह भी पाया कि लागू भर्ती नियमों या विज्ञापन में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत उच्च शिक्षा की अवधि और अनुभव की अवधि में आंशिक ओवरलैप होने के कारण पूरे अनुभव को अमान्य कर दिया जाए।
माननीय हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे याचिकाकर्ता की Training Officer (Workshop Calculation & Engineering Drawing) के पद पर उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करें। पुनर्विचार करते समय केवल इस आधार पर उम्मीदवारी खारिज नहीं की जाएगी कि अनुभव प्रमाण-पत्र में दर्शाई गई अवधि का कोई हिस्सा M.Tech. पाठ्यक्रम की अवधि से ओवरलैप करता है। न्यायालय ने संपूर्ण प्रक्रिया को आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त/प्रस्तुत होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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