*स्वास्थ्य जांच के लिए निर्धारित दर से अधिक राशि लिए जाने पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने की जांच*

जगदलपुर 17 अप्रैल 2021
वायरलेस न्यूज अरुण पाढ़ी/ जिले में निजी डायग्नोस्टिक सेंटरो द्वारा कोविड और नोन कोविड का सिटी स्कैन के लिए शासन के निर्धारित दर से अधिक राशि लेने के शिकायत पर कलेक्टर श्री रजत बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शनिवार को शहर के निजी डायग्नोस्टिक सेंटरो में औचक निरीक्षण किया गया। विदित हो कि दो दिन पहले डायग्नोस्टिक सेंटरों में सिटी स्कैन के नाम पर मनमानी दर पर मरीजों से पैसा लिया जा रहा था इस खबर को लेकर वायरलेस न्यूज ने प्रमुखता से उठाया था आज बस्तर कलेक्टर की औचक निरीक्षण के बाद सेंटरों में हड़कंप मच गया है ।

डॉ. चिखलीकर स्केन एण्ड रिसर्च सेंटर में निरीक्षण के दौरान शासन के निर्धारित मापदण्ड के आधार पर कमी पाने के कारण स्पष्टीकरण मांगा गया। कलेक्टर श्री बंसल ने कहा कि आवश्यक होने पर शासन द्वारा एचआरटीसी जांच के लिए शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही जांच की जाएगी।
कलेक्टर ने इसके साथ ही सेंटर में जांच की रेटलिस्ट को भी प्रदर्शित करने कहा। शासन के निर्देशों का पालन नहीं होने पर नर्सिंग एक्ट के तहत कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। इस अवसर पर अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री जी आर मरकाम, सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी सहित राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में सभी डायग्नोस्टिक्स सेण्टरों को सी.जी.एच.एस. दर पर कोविड-19 मरीज का एचआरसीटी- स्केन करने के संबंध में निर्देश जारी किया गया था।
एचआरसीटी जाँच की आवश्यकता होने पर कोविड-19 मरीजों के उपचार हेतु निजी चिकित्सालय एवं डायग्नोस्टिक सेंटर हेतु दर निर्धारित किया गया है जिसमें बिना कांट्रास्ट के फेफड़े का सिटी चेस्ट (एचआरसीटी) के लिए 1870 रुपए और कांट्रास्ट के साथ फेफड़े का सिटी चेस्ट (एचआरसीटी) के लिए 2345 रुपए स्केन किये जाने हेतु निर्देशित
किया गया है।साथ ही मरीजों का स्वास्थ्य जांच शाम सात बजे से रात 11 बजे तक किया जाना है और उसके पश्चात उसे तत्काल सेनेटाइज किया जाना जाना है। सामान्य मरीजों की स्वास्थ्य जांच के पूर्व उपकरणों को अनिवार्य तौर पर सेनेटाइज करना है। इस आदेश एवं कोविङ-19 प्रोटोकाल का उल्लंघन किये जाने पर एपिडमिक डिसीज एक्ट 1897 छ.ग. एपिडमिक डिसीज कोविड-19 रेग्युलेशन एक्ट 2020 के अंतर्गत दण्डनीय कार्यवाही की जाएगी।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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