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जागरूकता की मिसाल-106 साल के धोबा पाव ने लगवाया कोविड टीके का दूसरा डोज

On: May 14, 2021 5:40 PM
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भ्रमित हुये बिना टीका लगवाने की लोगों से की अपील

रायगढ़, (अनिल आहूजा वायरलेस न्यूज़14 मई2021) 106 साल के धोबा पाव ने कोविड टीके का दूसरा डोज लगाकर जागरूकता का परिचय दिया है। बंगुरसिया चक्रधर पुर के धोबा पाव ने आज गांव के टीकाकरण केंद्र पहुंचकर अपना दूसरा डोज़ लिया। उन्होंने दूसरे सभी लोगों से कहा कि बिना डरे या किसी अफवाह में पड़े सभी पात्र लोगों को टीका जरूर लगवाना चाहिये। तभी हम कोरोना संक्रमण को नियंत्रित कर रोक पाएंगे।
जिले में कोविड-19 की वैक्सीन लगाने लोग जागरूक दिख रहे है जिसमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। इस बीच डॉक्टर्स का कहना है कि यदि वैक्सीन की डोज के बाद हल्का बुखार या चक्कर आने जैसी शिकायत आए तो इससे घबराएं नहीं। ऐसा हो सकता है। वैक्सीन की दोनों डोज लगने से शरीर का इम्यून सिस्टम और मजबूत होता है इसलिए सभी लोगों को जिन्होंने कोविशील्ड की पहली डोज ली है उसके 6 सप्ताह बाद दूसरी डोज और को-वैक्सीन की पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज अवश्य लेना चाहिए। वैैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद संक्रमित होने के मामले बहुत कम आए हैं। वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद यदि संक्रमण होता है तो वायरल लोड कम होता है और गंभीर स्थिति की संभावनाएं या अस्पताल में भर्ती होने की संभावना न्यूनतम रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी डोज लगाने के 14 दिन बाद शरीर में पर्याप्त मात्रा में एंटीबाडी बनती है और हमारा प्रतिरक्षात्मक तंत्र मजबूत होता है। कोविड टीकाकरण के तहत फिलहाल कोविशिल्ड और को-वैक्सीन ये दो टीके लगाए जा रहे हैं। लाभार्थी को पहले डोज में जो टीका लगा है दूसरे में भी वही टीका लगाया जाएगा। कोविशील्ड टीके की दूसरी खुराक पहले खुराक के 6 से 8 सप्ताह के बीच तथा को-वैक्सीन टीके की दूसरी खुराक 28 दिन बाद लगवा लेनी चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी

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Amit Mishra
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अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Amit Mishra

अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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