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बंगाल की घटना लोकतंत्र की हत्या : भूपेंद्र यादव भाजपा राष्ट्रीय महासचिव

On: June 2, 2021 7:29 PM

बिलासपुर। (वायरलेस न्यूज़) पश्चिम बंगाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव परिणाम 2 मई 2021 को आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा लोकतंत्र की हत्या कर बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं उनके परिजनों की हत्या करने के साथ ही मारपीट, बलात्कार एवं आगजनी जैसी घटनाओं व वर्तमान स्थिति पर वर्चुअल वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव के प्रबोधन कार्यक्रम को भाजपा जिला कार्यालय बिलासपुर में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, सांसद अरूण साव, विधायक मस्तूरी, डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी, विधायक बेलतरा रजनीश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूजा विधानी, अमरजीत सिंग दुआ, जिला महामंत्री मोहित जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष किशोर राय, जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने बड़ी स्क्रीन लगाकर देखा और सुना।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री व संसद सदस्य (राज्यसभा) भूपेंद्र यादव ने पं.बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद हुई आगजनी, पथराव, महिलाओं से दुष्कर्म, हत्याओं और पलायन की घटनाओं को लोकतंत्र के लिए एक बड़ा ख़तरा बताते हुए कहा है कि प. बंगाल में हुईं ये घटनाएँ उस नरसंहार व पलायन की त्रासदी की याद दिलाती हैं, जो विभाजन के समय पश्चिम में पंजाब और पूर्व में बंगाल ने भोगी थी। श्री यादव ने कहा कि पं. बंगाल में सांप्रदायिक तुष्टिकरण का जो नारा चुनाव के दौरान वहाँ की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने दिया था, चुनाव के बाद की हिंसा में उसका ही प्रकटीकरण हुआ। श्री यादव बुधवार को ‘देश के साथ एक संवाद’ कार्यक्रम के तहत पं. बंगाल के मौज़ूदा राजनीतिक परिदृश्य पर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद श्री यादव ने कहा कि भाजपा हिंसा की राजनीति के खि़लाफ़ है और लोकतंत्र की मज़बूती के साथ ही सुशासन की स्थापना उसका सर्वोच्च लक्ष्य है। पं.बंगाल में लोकतांत्रिक व संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट-भ्रष्ट करने से रोकने और अपना कार्यकर्ता बंधुओं के बलिदान व संघर्षों में छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं का सहयोग रहे। पं.बंगाल को वंदेमातरम व जन गण मन की रचना की भूमि, जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि, सांस्कृतिक उत्थान का केंद्र व पुनर्जागरण का प्रतीक बताते हुए श्री यादव ने कहा कि रोहिंग्या व बांग्लादेसी घुसपैठियों की घुसपैठ ने आज प. बंगाल की लोकतांत्रिक राजनीति को असहिष्णु व हिंसक बना दिया है। श्री यादव ने कहा कि प. बंगाल में कम्युनिस्टों के ख़ात्मे में भाजपा की अहम भूमिका रही। एनडीए सरकार में मंत्री रहते हुए एनडीए के सहयोग से ही ममता बैनर्जी ने कम्युनिस्टों के शासन को उखाड़ा था लेकिन सत्ता में आने के बाद ममता बैनर्जी ने एनडीए से धोखा किया। वस्तुतः प. बंगाल धोखे की राजनीति में जी रहा है। ऐसे परिवेश में भाजपा वहाँ जनता की आवाज़ बनी और अपना राजनीतिक जनाधार बढ़ाकर टीएमसी-कम्युनिस्टों का मज़बूत विकल्प बनकर उभरी, बावज़ूद इसके कि वहाँ कांग्रेस-कम्युनिस्टों का वोट तृणमूल कांग्रेस को अंदर-ही-अंदर ट्रांसफ़र हुआ।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद श्री यादव ने पं.बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के बलिदान और संघर्ष की चर्चा करते हुए प. बंगाल की राजनीति में उभरे ख़तरों पर रोशनी डाली और कहा कि भारत सरकार चुनाव बाद की वहाँ की हिंसक घटनाओं का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई कर रही है, लेकिन पीड़ितों से मिलने जा रहे राज्यपाल के दौरे में अड़ंगा डालने और पीड़ितों की शिकायत दर्ज नहीं किए जाने से वहाँ सत्ता और प्रशासन का दुरुपयोग प्रमाणित होता है। श्री यादव ने छत्तीसगढ़ के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसे मुश्क़िल समय में प. बंगाल के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हों। हम कार्यकर्ताओं का अनावश्यक बलिदान नहीं चाहते, लेकिन बलिदान हुए कार्यकर्ताओं के बलिदान, लोकतंत्र और सुशासन की स्थापना के लक्ष्यनिष्ठ समर्पण को नमन करते हैं। यास तूफान से हुई क्षति का जायजा लेने प. बंगाल पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के रवैए को नितांत असंवैधानिक व संघीय ढाँचे के प्रतिकूल बताते हुए श्री यादव ने इसे सत्तावादी अहंकार का परिचायक बताया। प्रसंगवश छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी कटाक्ष कर श्री यादव ने कहा कि सत्तावादी अहंकार के प्रदर्शन और गाहे-बगाहे केंद्र को चिठ्ठियाँ लिखने में मुख्यमंत्री बघेल और ममता बैनर्जी एक-से हैं। केंद्र सरकार को ऐसी चिठ्ठियाँ लिखते रहना कांग्रेस का टूल किट एजेंडा है। छत्तीसगढ़ में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के खि़लाफ़ पहले की गई एफ़आईआर के हाई कोर्ट से ख़ारिज़ होने के बावज़ूद टूल किट मामले में अब तो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खि़लाफ़ भी एफ़आईआर कराई गई है। कोरोना टीकाकरण के राजनीतिकरण के लिए भी छत्तीसगढ़ सरकार को उन्होंने आड़े हाथों लिया।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद श्री यादव ने कहा कि भाजपा हार-जीत की परवाह किए बिना जनसेवा, समाज सेवा और राष्ट्र सेवा की हमारी प्रतिबद्धता है और रहेगी। पं. बंगाल में एक नई तरह की राजनीतिक विकृति पनप रही है और हम सब उससे जूझ रहे हैं। जब आपातकाल के विरुद्ध हमारा संघर्ष सफल हुआ तो पं.बंगाल में भी हम सफल होंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ और बंगाल के कार्यकर्ता मिलकर काम करें और बंगाल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी भाजपा के लोकतंत्र व सुशासन के विचार को मज़बूत करें। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस, कम्युनिस्ट दल व टीएमसी ने गुपचुप तौर पर अप्राकृतिक गठबंधन किया और अब भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले हो रहे हैं। राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने कहा कि आज भाजपा 13 करोड़ सदस्यों वाली सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है, हम अन्य सभी राजनीतिक दलों से इसलिए अलग हैं कि बाकी दल अधिकारों के लिए लड़ते हैं और हम कर्तव्य निर्वहन के लिए जीतना चाहते हैं। बौद्धिक चिंतन का केंद्र प. बंगाल आज राजनीतिक हिंसा के लिए जाना जा रहा है।
इस मौके पर प्रमुख रूप से भाजपा कार्यालय बिलासपुर में भाजपा जिला मंत्री सुधा गुप्ता, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष निखिल केशरवानी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष जयश्री चौकसे, अरविंद बोलर, राकेश चन्द्राकर, सुनीता मानिकपुरी, आशीष पटेल, रितेश अग्रवाल, अनमोल झा, गायत्री साहू, इंशु गुप्ता, संदीप केशरी, रोहित मिश्रा, ऋषभ चतुर्वेदी, महर्षि बाजपेयी, देवेश सोनी, मोनू रजक, आशीष तिवारी, मुकेश राव, वैभव जायसवाल, शोभा कश्यप, रजनी यादव, जगदीश जिज्ञासी, सिद्धार्थ शुक्ला, नीतिन पटेल, वैभव गुप्ता, अभिषेक तिवारी, देवेश खत्री, राहुल सराफ, कावेरी शर्मा, पुष्पलता सिदार, ललिता मरकाम, चंदना गोस्वामी, कंचल दुसेजा, राजेश्वरी गुप्ता, शैल भोई, जया पाण्डेय, पुनीता डहरिया, लोकेश्वरी राठौर, मंजुला सिंह, श्रद्धा तिवारी, योगिता सिंह, मुंजुला सिंह, मीना विश्वकर्मा, करूणा यादव, प्रिया संतवानी, रश्मीर कौर, आशीष मिश्रा, दीपक साहू, बिंदा कश्यप, संतोष देवांगन, प्रदीप शुक्ला, अतुल बापते, रामेश्वर भोई, रवि मोहोर, गगन छाबड़ा सहित भाजपा पदाधिकारी

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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