0 नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने प्रदेश में चहुँओर बर्बादी और भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा, जाँच में भ्रष्टाचार प्रमाणित होने पर अनशन करने वाले अधिकारी से माफ़ी मांगे सरकार

रायपुर (वायरलेस न्यूज़) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में चहुँओर बर्बादी और भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। एक तरफ किसानों से ख़रीदे गए धान का समय पर उठाव नहीं होने के कारण प्रदेशभर में करोड़ों रुपए मूल्य का धान बारिश में भीग रहा है तो दूसरी ओर दुर्ग में 1,153 क्विंटल गोबर बारिश के पानी में बह गया! हाईकोर्ट ने वन प्रबंधन सचिव व सर्किल ऑफ़िसर द्वारा बिना काम कराए 44 लाख रुपए आहरित करने पर ज़वाब मांगा है तो महासमुंद ज़िले में रेडी टू ईट योजना में मिड डे मील का चना अफ़सरों द्वारा खा जाने और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 30 लाख रुपए के घोटाले के जाँच में प्रमाणित होने से प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाज़िमी है।

नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने सवाल किया कि आख़िर प्रदेश में ये सब क्या हो रहा है? प्रदेश सरकार न तो ख़रीदे गए धान की सुरक्षा कर रही है, न ही गोबर की। भाजपा लगातार इस तरह की ख़बरों के मद्देनज़र आशंका जता रही है कि प्रदेश सरकार की नाक के नीचे बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है, धान और गोबर की ख़रीदी में करोड़ों रुपए बहाने के बाद अब कहीं धान को बीगा व सड़ा और गोबर को पानी में बहा बताकर भी इस तरह के घोटालों की साजिशें नहीं की जा रही हैं? श्री कौशिक ने कहा कि अपनी नाकामियों का ठीकरा प्रदेश सरकार अब सहकारी समितियों और गोठान प्रबंधन समिति व ग्राम पंचायतों पर फोड़ने का काम कर रही है। लगातार आगाह करने के बाद भी अपने सत्ता-मद में चूर प्रदेश सरकार ने समय पर धान का उठाव नहीं कराया और समितियों के प्रांगण में खुला पड़ा धान बारिश के पानी में भीग रहा है। अभी कुछ महीनों पहले ही हुई बेमौसम बारिश में भी धान के भीगने के बावज़ूद प्रदेश सरकार ने धान के उठाव में तत्परता दिखाना ज़रूरी नहीं समझा। श्री कौशिक ने कहा कि किसानों के नाम पर सस्ती और ओछी राजनीति करने में मशगूल सरकार किसानों के परिश्रम और प्रदेश के खज़ाने का न सम्मान कर रही है और न ही राष्ट्रीय संपदा का नुक़सान रोकने में रुचि ले रही है।

  • भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर हमला*

नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने प्रदेश में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर हमला बोला और कहा कि बिना काम कराए सरकार के 44 लाख रुपए आहरित कर लेने वाले वन प्रबंधन सचिव और सर्किल ऑफ़िसर के ख़िलाफ़ हुई शिकायतों व एफ़आईआर पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने धमतरी के आला पुलिस अफ़सरों से ज़वाब मांगा है। भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के जुमलों का सोर मचाने वाली प्रदेश सरकार के लिए यह भी कम शर्मनाक नहीं है कि रेडी टू ईट वितरण और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 30 लाख रुपए का वह घोटाला जाँच में प्रमाणित हो गया है, जिसे लेकर महासमुंद के ज़िला महिला बाल विकास अधिकारी जाँच की मांग करते-करते थक गए थे और हाल ही उन्हें अनशन तक के लिए विवश होना पड़ा ता। तब प्रदेश सरकार ने उन पर कार्रवाई भी की थी। श्री कौशिक ने कहा कि अब यह घोटाला जाँच में प्रमामित होने के बाद प्रदेश सरकार को उक्त अधिकारी से नि:शर्त क्षमायाचना करनी चाहिए। कन्या विवाह योजना का लाभ उन्हीं कन्याओं को मिलता है, जो बेहद ज़रूरतमंद होती हैं। अधिकारियों को इसमें भी भ्रष्टाचार करके प्रदेश सरकार के तमाम जुमलों पर पानी फेरते ज़रा भी हिचक नहीं हुई। श्री कौशिक ने कहा कि यह तो अभी सिर्फ़ एक ज़िले और महकमे का मामला सामने आया है, प्रदेश के दीग़र ज़िलों व महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार का अनुमान इस एक मामले से सहज ही लगाया जा सकता है। प्रदेश सरकार यदि भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच को लेकर संज़ीदा नहीं हुई तो प्रदेश भाजपा केंद्र सरकार से जाँच करने का आग्रह करेगी।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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