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कोरबा : हांथी को भगाने व बचाव के लिए एतमानगर वनपरिक्षेत्र में आयोजित हुई कार्यशाला..ग्रामीणो को जागरूक करने वन विभाग की पहल

On: August 4, 2021 11:18 AM

कटघोरा (बी पुष्पेंद्र श्रीवास वायरलेस न्यूज़) कटघोरा वनमंडल अंतर्गत ऐतमानगर वन परिक्षेत्र के सलिहाभाठा पंचायत भवन में वन विभाग के द्वारा जंगली हाथियों को भगाने एवम हाथियों को नुकसान ना पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज आयोजित इस कार्यक्रम में अंबिकापुर से आए प्रशिक्षक प्रभात दुबे ने ग्रामीणों को हाथी भगाने एवम बचने के बारे में जानकारी दी। प्रभात दुबे द्वारा हाथियो के संबंध में विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी गई ..! हाथियो के विभिन्न प्रजातियों से लेकर उनके उग्र होने की वजह की सभी चीजों की विस्तृत जानकारी दिया गया.

कार्यशाला में हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को हाथियों के हमले से बचाव के तरीके सिखाए गए. सरगुजा से आए हाथी विशेषज्ञ प्रभात कुमार दुबे ने ग्रामीणों को हाथियों के हमले के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों और बचाव के संबंध में जानकारी दी. इस दौरान ग्रामीणों को सलाह दी गई कि वे अपने घरों में महुआ या महुए से बनी शराब न रखें, क्योंकि इसकी गंध हाथियों को आकर्षित करती है.

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सलिहाभाठा,पचरा ,कुदवरीपारा ,मातिन ,मड़ई लहंगाबहरा ,आसपास के ग्राम के ग्रामीण उपस्थित थे। लोगों से कहा गया कि जंगली हाथियों को खदेड़ने में काफी सावधानी की जरूरत है। प्रायः हाथी उग्र भी हो जाते हैं। ऐसे में अपना बचाव भी करना आवश्यक है।

ग्रामीणों को हाथी से बचने एवंअपनी सुरक्षा के साथ लोगों को कैसे जागरूक करें इस सम्बंध में बताया गया। कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र में पिछले 2 वर्षों से लगातार जंगली हाथियों का उत्पात जारी है। ग्रामीण दहशत में हैं। जंगली हाथी खेतों में और खलिहान में फसलों की बर्बादी कर रहे हैं। इधर ग्रामीणों को जान माल का भी डर बना हुआ है। जिसके मद्देनजर ही हाथी एवं मानव द्वंद पर आधारित वनपरिक्षेत्र स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ! कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी जटगा सत्तू जयसवाल, वन परीक्षेत्र अधिकारी ऐतमा नगर शहादत खान , ग्राम पंचायत के सरपंच व जनप्रतिनिधि सहायक वन अधिकारी ,और वन विभाग के अन्य कर्मी ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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