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प्लांट और प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में आदिवासी सड़क पर

On: August 5, 2021 4:33 PM

सर्व आदिवासी समाज व प्रभावित संघर्ष समिति हुए फर्जी एफ.आई. आर. के विरोध में सड़क पर लामबंद, एफ. आई.आर. वापस लेने दिया राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन

प्रदेश सरकार पर लगाया आदिवासियों की जमीन छीनने और पूंजीपतियों को बेचने का आरोप

भानपुरी/जगदलपुर 05 अगस्त 2021वायरलेस न्यूज अरुण पाढ़ी/
सर्व आदिवासी समाज जिला बस्तर व प्लांट प्रभावित ग्राम संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार के इशारे पर आदिवासियों की उपजाऊ जमीन को छीन कर पूंजीपतियों को देने और प्लांट के विरोध में आए आदिवासियों पर प्रशासन द्वारा फर्जी एफ. आई. आर. करने के विरोध में आदिवासी समाज ने हजारों की संख्या में बस्तर में एकत्रित होकर मुख्य मार्ग पर पैदल मार्च कर महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम बस्तर को ज्ञापन सौंपा। पूर्व सांसद व भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कश्यप जी ने कहा कि बस्तर गुलामी काल में मुगलों और अंग्रेजो से लड़ा आज प्रदेश में ऐसी स्थिति हो गई है कि कांग्रेस की सरकार से अपने हक व अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है श्री कश्यप जी कहा की लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुआ है हमें सरकार के अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ना है, चपका हमारी सांस्कृतिक धार्मिक व महत्वपूर्ण धरोहर है वहां प्लांट लगने नहीं देंगे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री व आदिवासी नेता केदार कश्यप जी ने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक सभी आदिवासी एक हैं सरकार आदिवासियों के प्रति ओछी मानसिकता रखना बंद करें, एक तरफ सरकार टाटा की जमीन वापस कराने का ढिंढोरा पूरे देश में पीट रही है वहीं दूसरी तरफ बस्तर जैसे वनवासी क्षेत्रों में वनवासियों की उपजाऊ जमीन को छीनकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों बेचने का काम कर रही हैं।
श्री कश्यप जी ने कहा की सरकार को ऐसी कौन सी मजबूरी हुई की धारा 144 और लॉकडाउन की स्थिति में प्रभावशील होने के बावजूद 12 ग्रामों की आदिवासियों को जनसुनवाई में बुलाकर सरकार के इशारे पर फर्जी एफ. आई. आर. कराया आदिवासी की आवाज कुचलना चाहती हैं जिसका पूरा प्रदेश विरोध करता हैं, सरकार की दमनकारी नीतियों और प्लांट के विरोध में पूरे बस्तरवासी एकजुट होकर आज सड़क में धरना देने को मजबूर हैं सरकार को नही है सुध।
इस अवसर पर पूर्व विधायक लच्छू राम कश्यप, सर्व आदिवासी समाज के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम तोड़ेम, सर्व आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप, महेश कश्यप, संघर्ष समिति अध्यक्ष चंद्रू बघेल, व प्रभावित ग्राम के ग्रामवासी उपस्थित थे, सभी ने एक स्वर में प्लांट व फर्जी एफ. आई. आर. का विरोध किया और निरस्त करने की मांग की।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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