रायपुर (वायरलेस न्यूज़) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने नंद कुमार बघेल को आगरा से गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक, नंदर कुमरा बघेल को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया है. नंदर कुमार बघेल पर एक विशेष समाज के खिलाफ विवादस्पद बयान देने को लेकर धार्मिक सौहाद्र बिगाड़ने का मामला दर्ज है. पुलिस उन्हें मंगलवार सुबर रायपुर लेकर आई है. मालूम हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल के खिलाफ राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाने में भारतीय दंड सहिंता 1860 की धारा 153 ए और 505 –एक (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
बता दें कि राजधानी रायपुर के एक वर्ग विशेष द्वारा लिखित शिकायत की गई थी कि नंदकुमार बघेल द्वारा वर्ग विशेष पर अमर्यादित टिप्पणी की गई जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई है. शिकायत के आधार पर थाने में नंदकुमार बघेल के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया. मामले की जानकारी देते हुए डीडी नगर थाना प्रभारी योगिता खापर्डे ने बताया कि तीन सितंबर को मामले में आवेदन पत्र प्राप्त हुआ था जिसके आधार पर 4 सितंबर की देर रात मामला पंजीबद्ध किया गया है.
कानून से ऊपर मेरे पिता भी नहीं- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता के खिलाफ थाने में शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि विगत दिनों उनके पिता नंदकुमार बघेल द्वारा एक वर्ग विशेष के विरूद्ध की गई टिप्पणी उनके संज्ञान में आयी है. उनकी इस टिप्पणी से समाज के एक वर्ग की भावनाओं और सामाजिक सद्भाव को ठेस लगी है, उनके इस बयान से उन्हें भी दुख हुआ है. साथ ही यह भी कहा था कि मुझे सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से यह ज्ञात हुआ है कि ये बात कही जा रही है कि नंदकुमार बघेल पर इसलिए कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि वे मुख्यमंत्री के पिता हैं. सीएम भूपेश बघेल ने यह स्पष्ट कहा था कि उनकी सरकार सभी को एक ही दृष्टि से देखती है. उनके पिता नंदकुमार बघेल से उनके वैचारिक मतभेद शुरू से हैं, ये बात सभी को पता है. सीएम बघेल ने कहा था कि हमारे राजनीतिक विचार एवं मान्यतायें भी बिल्कुल अलग-अलग हैं. एक पुत्र के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन एक मुख्यमंत्री के रूप में उनकी किसी भी ऐसी गलती को माफ नहीं किया जा सकता जो सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली हो. उनकी सरकार में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है फिर चाहे वो मुख्यमंत्री के 86 साल के पिता ही क्यों न हो.
क्या है धारा 153-ए और 505-एक (बी):-
आईपीसी की धारा 153 और 153 ए के अनुसार कोई व्यक्ति अगर लिखित या मौखिक रूप से ऐसा बयान देता है जिससे साम्प्रदायिक दंगा या तनाव फैलता या समुदायों के बीच शत्रुता पनपती है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है. वहीं धारा 404 के तहत भड़काऊ बयान जिससे सामाजिक अव्यवस्था फैल सकती है इस पर तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है.
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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