रायगढ़।(वायरलेस न्यूज़) बिलासपुर जिले के जैतपुर से सरसीवा के बीच में महानदी पर बना हुआ पुल जिसके फाउंडेशन की नींव बिल्कुल ही जर्जर हो चुकी है तथा कभी भी कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है, इस घटना को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार साय का बयान आया है कि इस पुल पर कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है तथा लोगों के जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। इस मामले में पता चला है कि दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पिछले वर्ष पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा खुद इस पुल पर आवागमन बंद करवा दिया गया था तथा मरम्मत कार्य प्रक्रियाधीन थी किंतु शासन एवं प्रशासन की उदासीनता के कारण इस ब्रिज का मरम्मत कार्य आज तक प्रारंभ नहीं किया जा सका जिसके कारण क्षेत्रीय जनता को हो रहे असुविधा के चलते जोखिम भरा निर्णय लेते हुए इस पुल को पुनः प्रारंभ कर दिया गया किंतु आज तक इस का मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए नंद कुमार साय ने बिलासपुर जिले के कार्यपालन अभियंता श्री बघेल से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारा विभाग मरम्मत तो कराना चाहता है परंतु कोई भी इस कार्य को करने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं परंतु जब निर्माण भवन रायपुर के कार्यालय से संपर्क किया गया तो वहां से जानकारी मिली कि टेंडर की प्रक्रिया तो 2 साल से चल रही है और कुल 5 बार टेंडर कराया जा चुका है, किंतु बात जब नहीं पा रही है।
इस प्रकरण में कार्यपालन अभियंता के झूठ बोलने तथा निर्माण भवन रायपुर के गैर जिम्मेदाराना हरकत से कभी भी जैतपुर सरसीवा के महानदी पुल पर हादसा होने की आशंका को देखते हुए नाराज नंद कुमार साय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर कलेक्टर से शीघ्र मिलकर ज्ञापन देने तथा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भारी संख्या में सड़क पर स्वयं उतरकर उस पुल के मरम्मत होने तक आवागमन बंद कराने की बात कही है साथ ही साथ यह भी कहा है कि अपने निजी स्वार्थ तथा सेटिंग के खेल के कारण इस तरह क्षेत्र की जनता के जानमाल से खिलवाड़ कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

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