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सहज सरल संविधान अगर आज भारत में है तो वह डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के लिखे संविधान में है : लाल सिंह आर्य

On: December 5, 2021 3:48 PM

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) – डॉक्टर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी के द्वारा तैयार किए गए संविधान में व्यक्तिगत नागरिकों के लिए स्वतंत्रता की एक विस्तृत श्रंखला के लिए संवैधानिक गारंटी और सुरक्षा प्रदान की गई है उक्त उद्गार

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने मोर्चा द्वारा भाजपा कार्यालय कर्बला रोड बिलासपुर में आयोजित संभाग स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही श्री आर्य ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद जब नई सरकार अस्तित्व में आई तो सरकार ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी को देश के पहले कानून एवं न्याय मंत्री के रूप में सेवा करने के लिए आमंत्रित किया उन्होंने यह पद स्वीकार कर लिया 29 अगस्त 1947 को अंबेडकर जी को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया संविधान निर्माण के कार्य प्रारंभ किए अंबेडकर जी एक बुद्धिमान संविधान विशेषज्ञ थे उन्होंने लगभग 60 देशों के संविधान का गहन अध्ययन किया अंबेडकर जी को भारत के संविधान का पिता के रूप में मान्यता प्राप्त है अंबेडकर जी के द्वारा तैयार किए गए संविधान पाठ में व्यक्तिगत नागरिकों के लिए नागरिक स्वतंत्रता की एक विस्तृत श्रंखला के लिए संवैधानिक गारंटी और सुरक्षा प्रदान की गई है जिसमें धर्म की आजादी छुआछूत को खत्म करना और भेदभाव के सभी रूपों का उल्लंघन करना शामिल है अंबेडकर जी ने महिलाओं के लिए व्यापक आर्थिक और सामाजिक अधिकारों के लिए तर्क दिया और अनुसूचित जाति एस सी, अनुसूचित जनजातियों एस टी, अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के सदस्यों के लिए नागरिक सेवा स्कूलों कॉलेजों में नौकरियों के आरक्षण की व्यवस्था शुरू करने के लिए असेंबली का समर्थन जीता ऐसे अनेक नियम एवं कानून के माध्यम से डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने सभी वर्गों के लिए पूर्ण रूप से ध्यान देते हुए सभी वर्ग की चिंता की लोगों को न्याय मिल सके सहज सरल संविधान अगर आज भारत में है तो वह डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के लिखे संविधान में है पूरी दुनिया आज उनके संविधान का गहन अध्ययन कर रहे हैं श्री आर्य ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के द्वारा रचित संविधान को हम सभी को अध्ययन करना चाहिए। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव राय ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी एक सामाजिक राजनीति सुधारक के रूप में विरासत का आधुनिक भारत पर गहरा असर हुआ है आजादी के बाद भारत में उनके सामाजिक राजनैतिक विचारों को पूरी राजनीतिक स्पेक्ट्रम में सम्मानित किया जाता है उनकी पहल ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित किया है श्री साय ने कहा कि अगर आज भारत में लोकतंत्र है संविधान हैं उसके पीछे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की देन है। संगोष्ठी को अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कंडेय अनुसूचित जाति मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व सांसद श्रीमती कमला पाटले मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले मस्तूरी के विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी बेलतरा विधायक रजनीश सिंह अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन मेश्राम ने भी संबोधित किया कार का में विशेष रूप से मंच पर दयावंत बांधे भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत वेद राम जांगड़े आत्माराम बंजारे पूर्व सांसद लखनलाल साहू श्रीमती सुनीता पाटिल अंबेश जांगड़े एवं मोर्चा के प्रभारी किशोर राय उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता संत रविदास संत कबीर दास डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की गई कार्यक्रम का संचालन मोर्चा के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश सूर्या एवं जिला महामंत्री योगेश बोले ने किया आभार व्यक्त मोर्चा के कोरबा जिला अध्यक्ष सरजू अजय ने किया इस मौके पर पूर्व सांसद कमला पाटले जी ने संविधान की शपथ दिलाई कार्यक्रम में पुनीता डहरिया नीता पाटले कृष्णा देवी लहरें मनोज राही छेदी कश्यप राज सोनी ईश्वर प्रसाद सूर्यवंशी दीपा गंधर्व चंद्रकला गंधर्व मोहन कुर्रे संतोष लहरे शिव बंजारा ऋषि केसरी अतीश सोनकर महेश चंद्रिकापुरे राम नारायण भारद्वाज पृथ्वीपाल राय श्याम खांडेकर सुरेश बंजारे चित्रकांत लहरे लोकनाथ बंजारे नरेंद्र कोसले जितेंद्र अंचल विनोद सोनकर विनय कोसले सुनील चौहान चित्रेश परिहार अमन सूर्यवंशी वंदना जैनडे लक्की बंजारे सीमा पांडे मीना लहरें सहित कोरबा जांजगीर चांपा मुंगेली बिलासपुर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मोर्चे के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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