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विधिक सहायता के चयनित प्रकरणों के पीड़िताओं से स्मृति ईरानी ने सीधे बातचीत की शहीद की विधवा से

On: March 2, 2022 3:18 PM

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) शहीद की विधवा से केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बात की …छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माननीय कार्यपालक अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी के निर्देशानुसार नक्सली ंिहंसा से मृतक जवान की पत्नी तर्शिला मिंज को उनके

पेंशन एवं देय स्वत्व सहित मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के लिए विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी तथा आवेदिका तर्शिला मिंज की ओर से उसके वेतन तथा स्वत्वों के भुगतान के संबंध में माननीय छत्तीसगढ उच्च न्यायालय ने रिट याचिका पेश की गई है।

इस प्रकरण की रिपोटिंग राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली को भी की गई थी। आज महिला सप्ताह के अवसर पर अशोका होटल, नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं राष्टीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर देश के पांच राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के द्वारा महिलाओं के विशेष प्रकरण पर दी गई विधिक सहायता की जानकारी का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय श्रीमती स्मृति ईरानी, केन्द्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास विभा तथा राज्य मंत्री एवं श्रीमती अमिता उदय ललित के आतिथ्य में किया गया था। छत्तीसगढ़, झारखण्ड, मुंबई, हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के द्वारा महिलाओं को दी गई विधिक सहायता के चयनित प्रकरणों के पीड़िताओं से श्रीमती ईरानी द्वारा सीधे बातचीत की गई, इसी क्रम में छत्तीसगढ़ से तर्शिला मिंज एवं उनके पुत्र अंकित मिंज से उन्होंने बात की तथा यह जानकारी प्राप्त की कि उन्हें उनके पति की मृत्यु के पश्चात किस-किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। श्रीमती तर्शिला मिंज ने बताया कि उन्होंने अपनी परेशानियों के बारे में सखी वन स्टॉप सेंटर को जानकारी दी तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को इस संबंध में बताया, जिस पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री सिद्धार्थ अग्रवाल के निर्देश पर अवर सचिव श्री द्विजेन्द्रनाथ ठाकुर एवं विधिक सहायता अधिकारी श्री शशांक शेखर दुबे द्वारा मेरे से घर पर आकर संपर्क किये तब मैंने उन्हें जानकारी दी की वर्ष 2008 में नक्सलियों द्वारा मेरे पति का अपहरण कर पति की हत्या कर दी गई थी। उनके पेंशन आदि का पूर्णतः निर्धारण नहीं हो पाया था। उन्होंने बताया कि उन्हें पुलिस विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी गई थी, कार्य पर जाते समय ट्रक से एक्सीडेंट हो जाने के कारण मैं चलने-फिरने में असमर्थ हो चुकी हूं तथा लकवा होने के कारण बोलने एवं हाथ पैर काम करना बंद कर दिये हैं। इस प्रकार मैं 15 वर्षो से परेशान हो रही थी। सदस्य सचिव श्री सिद्धार्थ अग्रवाल ने आज एनआईसी सेंटर से अशोका हॉल नई दिल्ली मंे आयोजित कार्यक्रम में पीड़िता के प्रकरण के संबंध मेे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उसके प्रकरण में माननीय छ.ग. उच्च न्यायालय में रिट याचिका हेतु श्री प्रसून भादुड़ी अधिवक्ता को नियुक्त किया जा चुका है। आवेदिका का राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड उसके घर जाकर बनवाया जा चुका है। मोटर दुर्घटना दावा का प्रकरण भी अधिवक्ता नियुक्त कर न्यायालय में पेश करवाया जा चुका है। केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पीड़िता के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि न्यायालय का एक मानवीय पहलू भी इससे उजागर होता है नालसा न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण कराने तक ही सीमित नहीं है उसके आगे भी बढ़कर जीवन के उन पहुओं को भी छू रहा है, जिससे पीड़ितो को सामाजिक न्याय की प्राप्ति होती है। पीड़िता के घर तक पहुंचकर उनको उपलब्ध कराई गई सहायता के लिए नालसा और सालसा विशेष रूप से बधाई के पात्र हैं और इस तरह के कार्य को आगे निरंतर जारी रखने की अपेक्षा है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्रीमती अमिता उदय ललित ने कहा कि उन्हें इस कार्यकम में आकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे किसी संस्था की पदाधिकारी या किसी न्यायाधीश की पत्नी के रूप में यहंा न आकर एक महिला के रूप में उपस्थित हुई हॅूं। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि यह बहुत ही प्रशंसनीय है कि विधिक सेवा प्राधिकरण एक ऐसे मामले मंे विधिक सहायता उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है, जिसके लिये वह 15 वर्षो से संघर्ष कर रही थी।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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