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आम के विशाल वृक्ष से एक ऐसी आवाज जो रात के शांत वातावरण में भयावह डरावनी रामसे फ़िल्म की आभास दे जाती है !

On: March 23, 2022 9:54 AM

बिलासपुर (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज़) :- चिड़ियों का चहचहाना -पक्षियों का कलरव निश्चित ही सुकून देता है, बेहतर वातावरण का परिचायक है, परंतु इन दिनों पेंड्रा के आम के बड़े बगीचे में एक ऐसी आवाज पक्षियों की आ रही है जो एक करुण क्रंदन करते हुए डरावनी आवाज है, यह पक्षी पहले कभी इस इलाके में नहीं देखा गया ,गिद्ध के आकार का यह पक्षी है जिसे ‘आइबिस’ कहा जाता है, यह एक रेड आइबिस और एक व्हाइट आइबिस दो प्रकार के पक्षी इस
अंचल में दिखाई देता है।

आइबिस पक्षी इस अंचल में अचानकमार टाइगर रिजर्व के केवंची , अचानकमार , बिंदावल, शिवतराई , बांकल लोरमी के आगे औंरापानी में प्रायः देखने को मिल ही जाता है। परंतु इसकी आवाज काफी डरावनी है ,रात के शांत वातावरण में यह आवाज और भी भयावह डरावनी हो जाती है इनकी संख्या आधा दर्जन के आसपास ही 1000-500 मीटर की उड़ान भर कर वापस आ जाते है…..

पेंड्रा के वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश नामदेव ने बताया कि रात के अंधेरे में एक आवाज आई जो करुण क्रंदन कर रही थी, ऐसी आवाज जो शायद किसी बड़े संकट की ओर इशारा कर रही हो सुनकर मन कौंधा …मन सिहर उठा कि भला इतनी रात कौन रो रहा है ?,कौन चित्कार रहा है ? परंतु रात काफी थी उठकर जानने की चेस्टा नहीं की आवाज भला किसकी है ? सुबह -सुबह में भी वही आवाज जब सुनाई थी तो अपने घर के ऊपर चढ़कर देखने पर समझ में आया कि पीछे आम के विशाल वृक्ष से बार-बार रुक रुक कर ये आवाज आती है जो बड़े ही कर्कश और चित्कार भरी है , नजर- तेज की तो देखा आम के इस विशाल वृक्ष पर एक नए तरह का पक्षी अपना डेरा बसाय हुए… और उन्हीं के द्वारा की आवाज निकाली जा रही है, उनमें से एक पक्षी उड़ता तो दूसरा यह आवाज निकालने लगता है ,कुछ देर बाद जब पक्षी 1000-500 मीटर उड़ कर वापस आता तो पुनः की आवाज और तेज हो जाती मालूम चला यह पक्षी की ही आवाज है, जो अपने साथी पक्षी के उड़ने पर उसे बुलाने के लिए यह आवाज दे रहा है परंतु आवाज इतनी भयावह है कि निश्चित ही डर के मारे रूह कांप जाए ।

आइबिस पक्षी 6 प्रकार के पाए जाते है ऊपर से तीसरे और नीचे से बीच के पक्षी इस अंचल में देखे जाते है

वीडियो – पत्रकार अखिलेश नामदेव बनाई हुई है।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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