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देवस्नान चंदन जात्रा पूजा विधान के साथ बस्तर गोंचा पर्व का हुआ शुभारंभ

On: June 15, 2022 9:15 AM

15 जून से 29 जुलाई तक अनसर काल में प्रभु जगन्नाथ के नहीं होगें दर्शन

जगदलपुर, 14 जून 2022
अरुण पाढ़ी वायरलेस न्यूज जगदलपुर / रियासत कालीन बस्तर गोंचा पर्व 2022 में देवस्नान चंदन जात्रा पूजा विधान 14 जून को शुभ मुहर्त में प्रात: 09.30 बजे से प्रारंभ हुआ। 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणों द्वारा इंद्रावती नदी के पवित्र जल की पूजा उपरांत 108 नये मिट्टी के पात्र में लाकर शताब्दियों पुरानी परंपरानुसार भगवान

शालीग्राम का पंचामृत,चंदन एवं इंद्रावती नदी के पवित्र जल से अभिषेक कर विधि विधान से पूजा संपन्न किया गया। तत्पश्चात प्रभु जगन्नाथ स्वामी, माता सुभद्रा एवं बलभद्र के विग्रहों का देवस्नान चंदन जात्रा पूजा विधान संपन्न किया जाकर भगवान के 22 विग्रहों को मुक्ति मंडप में स्थापित किया किया गया। प्रभु जगन्नाथ स्वामी, माता सुभद्रा एवं बलभद्र के विग्रहों को मुक्ति मंडप में स्थापित किये जाने के साथ ही भगवान का अनसर काल प्रारंभ होकर 29 जून तक जारी रहेगा, इस दौरान दर्शन वर्जित होगा, 30 जून नेत्रोत्सव पूजा विधान के साथ प्रभु जगन्नाथ स्वामी, माता सुभद्रा एवं बलभद्र के दर्शन लाभ श्रृद्धालुओं को श्रीमंदिर के बाहर होगें।

360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष ईश्वर नाथ खम्बारी ने बताया कि बस्तर गोंचा पर्व के 615 वर्षो की ऐतिहासिक रियासत कालीन परम्परानुसार समस्त पूजा विधान संपन्न किये जायेगें, जिसकी पूरी तैयारी कर ली गई है, 30 जून को नेत्रोत्सव पूजा विधान के साथ प्रभु जगन्नाथ के दर्शन होंगे, 01 जुलाई को श्रीगोंचा रथ यात्रा पूजा विधान के साथ ही प्रभु जगन्नाथ स्वामी जनकपुरी सिरहासार भवन में नौ दिनों तक श्रृद्धालुओं के दर्शनार्थ स्थापित होगें, इस दौरान समस्त श्रृद्धालुओं को पुण्यलाभ का पावन अवसर प्राप्त होगा।

इस दौरान बस्तर गोंचा महापर्व समिति के अध्यक्ष दीनदयाल जोशी, गजेन्द्र पाणिग्राही, रविंद्र पांडे, हेमंत पांडे, चिंतामनी पांडे, सुदर्शन पाणिग्राही, आत्माराम जोशी, नरेंद्र पाणिग्राही, राकेश पांडे, दिलेश्वर पांडे, मिथलेश पाणिग्राही, मिनेश पाणिग्राही, देवशंकर पंडा, बनमाली पाणिग्राही, अजय जोशी, वेणुधर पाणिग्राही, प्रशांत पाणिग्राही, श्रीमती आशा आचार्य, श्रीमती बसंती पांडे, गिरजा पांडे, नेत्रकांत आचार्या, कमलाकांत जोशी, हेमंत पानीग्राही, आशू आचार्य, वैभव पांडें, भूपेश पानीग्राही, प्रदीप पाढ़ी, हर्ष पानीग्राही, आकाश, मनीष, राहुल पांडे, मोहित, कृष्णा पानीग्राही, एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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