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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान देशभक्त और संसद शिष्ट के रूप में भारत उन्हें सम्मान के साथ याद करता है:वेंकट अग्रवाल

On: July 6, 2022 9:35 AM

बिलासपुर /कोटा (वायरलेस न्यूज़) डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिन पर वेंकट लाल अग्रवाल के निवास स्थान पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी इस अवसर पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर रोली चावल के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित मोहित जायसवाल जिला महामंत्री भारतीय जनता पार्टी वेंकट लाल अग्रवाल जिला कार्यसमिति सदस्य भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर राम लाल साहू प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा महाराज सिंह नायक प्रभारी मंडल अध्यक्ष गायत्री साहू जिला महामंत्री भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कीर्ति पुरी गोस्वामी नरेंद्र गोस्वामी देव किशन साहू नरेंद्र पाल के रोहित साहू आदि कार्यकर्ता उपस्थिति में मोहित जयसवाल डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर अपने विचार व्यक्त किया डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे संसद में अपने भाषण में उन्होंने 370 की भी जोरदार वकालत की अगस्त 1952 जम्मू कश्मीर की विशाल रैली में उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त किया था या तो मैं भारतीय संविधान प्राप्त कर आऊंगा या फिर इस उद्देश्य पूर्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर दूंगा वेंकट लाल अग्रवाल भी अपना विचार रखे, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अपने संकल्प को पूरा करने के लिए 1953 को जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई है उनकी मृत्यु देश को हिला कर रख दिया और पश्चात परमिट सिस्टम समाप्त हो गया राम लाल साहू ने बताया उन्होंने कश्मीर को लेकर एक नारा दिया था नहीं चलेगा एक देश में दो विधान और दो निशान महाराज सिंह ने अपने अपने विचार रखे 1901 एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था इनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बंगाल एक शिक्षाविद हर बुद्धिजीवी के रूप में प्रसिद्ध थे बाबा गोस्वामी ने अपने विचार व्यक्त किए 1924 में उन्होंने कोलकाता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया गायत्री साहू जिला महामंत्री ने भी अपने विचार व्यक्त किए राजनीतिक विद्वान और राष्ट्रवादी के रूप में अपने मित्र और शत्रु द्वारा समान रूप से सम्मानित थे एक महान देशभक्त और संसद शिष्ट के रूप में भारत उन्हें सम्मान के साथ याद करता है

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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