राजनांदगांव (, वायरलेस न्यूज) भारतीय रेलवे की सेवाओं में से एक ‘‘रेल मदद‘‘ जो कि रेल यात्रियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिसके तहत प्रतिदिन रेल में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। जिसके तहत दिनांक-08.02.23 को गाडी सं-20846 भगत की कोठी एक्सपे्रस के कोच नं-बी/1 बर्थ नं-53 पर एक परिवार जो कि सुवरसा से गोंदिया तक यात्रा कर रहा था। गाडी के गोंदिया पहुंुचने पर परिवार उतरकर अपने घर चला गया, जहां उसे पता चला कि उनका उक्त कोच में एक बैग छूट गया है सूचना प्राप्ति पर पोेस्ट प्रभारी निरीक्षक प्रशांत अल्डक के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक-एस.मेश्राम आरक्षक-मनीष पटेल एवं शारेपु राजनांदगाॅव द्वारा गाड़ी के समय-07.35 बजे पीएफ नं-01 पर आगमन पर अटैण्ड किया गया जिसमें उक्त बर्थ के आसपास बैठे यात्रीयों से पुछताछ करने के उपरांत बैग को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए शारेपु आर-लक्ष्मीनारायण की उपस्थिति में गाड़ी से उतारा गया बाद गवाहों की उपस्थिति में बैग को खोलकर देखने पर उसमें 02 जोड़ी चाॅदी की पायल कीमत-40000/-, 01 जोड़ी सोने का कंगन कीमत-100000/-01 नग सोने का मंगल सूत्र कीमत-60000/- तथा दवाएॅ कीमत-550/- नगद-150 रूपये, कुंल कीमत-200700/- दो लाख सात सौ रूपये मात्र आंकी गई। बाद बैग मालिक के आने पर सामान एवं यात्री का सत्यापन उपरांत उक्त बैग को सामान सहित सूपूर्दनामा बनाकर खैरियत के साथ सूपूर्द किया गया। यात्री एवं परिवार द्वारा रेलवे सुरक्षा बल को उक्त कार्य के लिए सह्रदय धन्यवाद दिया गया।भारतीय रेलवे की सेवाओं में से एक ‘‘रेल मदद‘‘ जो कि रेल यात्रियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिसके तहत प्रतिदिन रेल में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। जिसके तहत दिनांक-08.02.23 को गाडी सं-20846 भगत की कोठी एक्सपे्रस के कोच नं-बी/1 बर्थ नं-53 पर एक परिवार जो कि सुवरसा से गोंदिया तक यात्रा कर रहा था। गाडी के गोंदिया पहुंुचने पर परिवार उतरकर अपने घर चला गया, जहां उसे पता चला कि उनका उक्त कोच में एक बैग छूट गया है सूचना प्राप्ति पर पोेस्ट प्रभारी निरीक्षक प्रशांत अल्डक के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक-एस.मेश्राम आरक्षक-मनीष पटेल एवं शारेपु राजनांदगाॅव द्वारा गाड़ी के समय-07.35 बजे पीएफ नं-01 पर आगमन पर अटैण्ड किया गया जिसमें उक्त बर्थ के आसपास बैठे यात्रीयों से पुछताछ करने के उपरांत बैग को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए शारेपु आर-लक्ष्मीनारायण की उपस्थिति में गाड़ी से उतारा गया बाद गवाहों की उपस्थिति में बैग को खोलकर देखने पर उसमें 02 जोड़ी चाॅदी की पायल कीमत-40000/-, 01 जोड़ी सोने का कंगन कीमत-100000/-01 नग सोने का मंगल सूत्र कीमत-60000/- तथा दवाएॅ कीमत-550/- नगद-150 रूपये, कुंल कीमत-200700/- दो लाख सात सौ रूपये मात्र आंकी गई। बाद बैग मालिक के आने पर सामान एवं यात्री का सत्यापन उपरांत उक्त बैग को सामान सहित सूपूर्दनामा बनाकर खैरियत के साथ सूपूर्द किया गया। यात्री एवं परिवार द्वारा रेलवे सुरक्षा बल को उक्त कार्य के लिए सह्रदय धन्यवाद दिया गया।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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