🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने चेताया छत्तीसगढ़ वन विभाग को: हीटवेव और जलवायु परिवर्तन से मानव-वन्यजीव द्वन्द बढ़ेंगे, तैयारियां जुटे….

On: March 10, 2023 6:31 PM

वन्यजीव प्रेमी ने चेताया वन विभाग को: हीटवेव और जलवायु परिवर्तन से मानव-वन्यजीव द्वन्द बढ़ेंगे, तैयारियां करें

रायपुर (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज 10 मार्च ) देश की ऐतिहासिक फरवरी ‘23 की गर्मी के बाद मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अगले तीन महीनों में हीटवेव की चेतावनी, जलवायु परिवर्तन पर आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र के अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की चेतावनी कि आने वाले वर्षों में भारत में हीटवेव अधिक बार और अधिक तीव्रता के साथ घटित होंगी। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन ग्रुप द्वारा दी गई चेतावनी कि जलवायु संकट ने भारत में हीटवेव की संभावना 30 गुना अधिक कर दी है और इसके गंभीर प्रभाव जारी रहेंगे,

वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन की चेतावनी कि चालू कैलेंडर वर्ष में एल नीनो की प्रबल संभावना है, अगर एल नीनो प्रभावी हो जाता है तो भारत जैसे देश में अकाल की व्यापक संभावनाएं रहेंगी। इन चेतावनियों के मद्देनजर रायपुर के वन्यजीव प्रेमी ने वन विभाग को पत्र लिख कर चेताया है कि जलवायु परिवर्तन से मानव-वन्यजीव द्वन्द बढ़ेंगे, इसके लिए तैयारियां की जानी चाहिए।

पत्र में बताया गया है कि अब जलवायु संकट दिन प्रतिदिन गंभीर होता जाएगा। जलवायु परिवर्तन पर किए गए अध्ययनों के अनुसार विभिन्न जलवायु संबंधित घटनाओं का विपरीत प्रभाव वन्यजीवों पर भी पड़ेगा तथा मानव के साथ उनका द्वंद बढेगा।

उदाहरण देते हुए बताया गया है कि हीटवेव और अकाल के कारण:
मानव हाथी द्वंद


Habitat Loss, खंडित वन, जंगलों में पानी और चारे की कमी होने के कारण हाथी-मानव द्वंद बढेगा वैसे भी छत्तीसगढ़ मानव हाथी द्वंद से देश में सबसे जयादा प्रभावित है।
सांपो का घर में घुसना बढेगा
बढ़ी हुई, लम्बे समय की गर्मी व सूखे में सांपों का आश्रय और पानी से हुई ठंडी जगह की तलाश में ग्रामीणों के घरों, बाड़ियों में घुसने की घटनाएं बढ़ने की पूरी संभावना रहेगी।
मानव-भालू द्वंद
भालू, भारतीय वनों का Most Unpredictable वन्य प्राणी माना जाता है। दूसरे वन्य प्राणियों के समान सामान्यतः यह पानी में अपने को ठंडा नहीं करता। काले रंग का और घने बाल का होने के कारण, वन क्षेत्रों में बढ़ते तापमान और हीटवेव के कारण इस वन्य प्राणी पर जलवायु परिवर्तन सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना रहेगी। जिससे मानव-भालू द्वंद बढेगा। गर्मी में महुआ के सीजन में मानव-भालू द्वंद बढ़ जाता है।


शाकाहारी जानवर और चारा की कमी
कम वर्षा के कारण जंगल में शाकाहारी जानवरों के लिए चारे की कमी होगी, जिसके कारण वे फसलों को चरने के लिए वन क्षेत्र से बाहर निकलेंगे। इसके विपरीत फसल कम होने से, जब ग्रामीणों के पशुधन चरने के लिए जंगलो में जयादा छोड़े जाने लगेंगे तब वनों में चारे की कमी और बढ़ जाएगी। समय के साथ पूरी सम्भावना रहेगी कि जलवायु परिवर्तन के कारण बीमारियाँ और नए वायरस भी पैदा होंगे। अगर शाकाहारी वन्यजीवों या ग्रामीणों के पशुधन में यह पैदा होते हैं तो शाकाहारी वन्य प्राणियों तथा ग्रामीणों के पशुधन को व्यापक नुकसान होगा।
वन्य प्राणियों का शिकार और वन क्षेत्र कम होना
वन्य प्राणी, पानी की खोज में वन्य क्षेत्र छोड़ बाहर निकलने मजबूर होंगे, इससे शिकार की घटनाएं भी बढ़ेगी और वन क्षेत्रों से बाहर निकल कर बिना जगत वाले कुएं में वन्य प्राणियों के गिरने की घटनाएं भी बढ़ेगी। हीटवेव और वनों में नमी कम होने के कारण आग लगने की घटनाएं ज्यादा होंगी, वन क्षेत्र कम होता जायेगा।
मानव-मगरमच्छ द्वन्द
जिन वॉटर बॉडीज में मगरमच्छ हैं उन वॉटर बॉडीज में पानी सूखने और कम होने से मगरमच्छ वाटर बॉडी से बाहर निकलने लगेंगे और उनके साथ भी मानव का द्वंद और उनका पशुधन और वन्यजीवों पर आक्रमण बढ़ेगा।
मांसाहारी वन्यजीवों से द्वन्द
मांसाहारी वन्यजीवों का पशुधन और कई बार मानव पर आक्रमण बढेगा।

पत्र लिखने वाले वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने बताया कि ये कुछ ही उदाहरण हैं। जलवायु परिवर्तन से कई वर्षों में अतिवर्षा भी होगी, जिससे वन्य जीवों के संबंध में अलग समस्याएं उत्पन्न होंगी। उन्होंने कहा कि वे यह नहीं कह रहे कि यह सब कल ही होगा, परंतु अवश्य होगा और वर्ष वार वर्ष समस्याएं जटिल होती जावेंगी।
कुछ सुझाव प्रेषित करते हुए उन्होंने कहा की हमें यह स्वीकार करना होगा कि वन्यजीवों के बिना जैव विविधता समाप्त हो जाएगी और बिना जैव विविधता के मानव प्रजाति। इसलिए हमें सह अस्तित्व को चुनना पड़ेगा।

सुझाव:

  1. गर्मी और सूखे में अभी उपलब्ध कराये जा रहे पानी से ज्यादा मात्रा में ज्यादा जगहों पर पानी उपलब्ध करवाया जाये।
  2. वन क्षेत्रों से लगी हुई वॉटर बॉडीज जहां पर गर्मी में वन्यप्राणी पानी पीने आते हैं के आसपास ग्रामीणों को जाने से मना किया जावे ताकि वन्यजीव से द्वन्द न हो और संभावित शिकार पर नियंत्रण किया जावे। इसी प्रकार जिन वॉटर बॉडीज में मगरमच्छ है वहां मानव गतिविधियां प्रतिबंधित की जावे।
  3. आग वनों का सबसे बड़ा दुश्मन है। हीटवेव और गर्मी से आग लगने कि घटनाएँ बढेंगी। आग की घटना सूचित करने के लिए मोबाइल नंबर प्रसारित किए जावे, ग्रामीणों में जागरूकता पैदा की जावे व नियंत्रण के उपाय बढ़ावे जावे।
  4. मानव-तेंदुआ द्वंद को कम करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर सुझाए गए निवारक उपायों जैसे घर के आस-पास झाड़ियां इत्यादि का ना होना, महिलाओं और बच्चों का शाम का घर से बहार ना निकलना, शोचालय का उपयोग करना, व्यापक प्रकाश होना इत्यादि पर ज्यादा कार्य शीघ्रता से किया जाये।
  5. सांपों से बचने के लिए ग्रामीणों को सलाह दी जाये की वे:
    अ. जमीन पर नहीं सोकर पलंग/खटिया पर सोएं।
    ब. घर के आसपास बाड़ी या पानी के स्थानों के आस-पास सफाई बरकरार रखें, जैसे गमलों को आपस में सटा कर न रखना।
    स. Natural Repellents का उपयोग हेतु सलाह दी जाये, इस संबंध में विशेषज्ञों से राय ली जा सकती है।
  6. जंगलों में वृक्षों की कटाई चाहे वह उम्र पूरी कर चुके हैं पूर्ण: रोक दी जाये, अब एक- एक वृक्ष महत्वपूर्ण हो गया है। वनों में हो रहे अवैध कब्जे को तत्काल रोका जावे तथा हो चुके अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जावे। वन क्षेत्रों के आसपास बिना जगत वाले कुआं पर जगत बनवाकर जाली लगवाई जावे।
  7. यह निर्धारित किया जावे की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य, वन्यजीव, जैव विविधता ज्यादा महत्वपूर्ण है या वन अधिकार पट्टा बांटना?
  8. मानव-वन्यजीव द्वंद चाहे वह मानव-हाथी द्वंद हो या कोई और द्वंद, सभी को कम करने के लिए ज्यादा कार्य शीघ्रता से किया जाये। राज्य के वन क्षेत्र में अलग-अलग वन्य जीवों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन कराना चालू किया जावे ताकि समय समय पर नए उचित कदम उठाये जा सकें।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment