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निस्तार पत्रक में 30 वर्ष पहले उल्लिखित तालाबमद की भूमि की जांच हो… माफियाओं के कब्जे में सरकारी जमीन को मुक्त कराए प्रदेश सरकार- अमर अग्रवाल

On: March 29, 2023 4:55 PM

नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का नारा केवल जुमलेबाजी तक सीमित ..भूपेश सरकार से आम जनता त्रस्त है – श्री अमर अग्रवाल

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज)पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल बिलासपुर शहर विकास की अधूरी परियोजनाओं के विरोध में तालापारा क्षेत्र में तालाबों के सौंदर्यीकरण रखरखाव, जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन की बजाए प्राकृतिक धरोहरों की बदहाली के विरुद्ध में तालापारा (मिनीमाता) तालाब के किनारे झुग्गी झोपड़ी वासियों के बीच शामिल होकर एक दिवसीय धरना दिया।

श्री अमर अग्रवाल ने धरने के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 40 एकड़ में तालापारा क्षेत्र का यह तालाब शहर का सबसे पुराना तालाब है। हमारा बिलासपुर मा अरपा की गोद में फला फला और बढ़ रहा है तालाबों और बावड़ी की परंपरा से अब से कुछ वर्षों पहले तक कभी भी गंभीर जल संकट की स्थिति नहीं आई। 30 वर्षों पूर्व शहर के निस्तार पत्रक में 70 तालाब थे। छोटे बड़े तालाबों से आम जनमानस की मूलभूत जरूरतों की आपूर्ति बावड़ी और तालाब के स्रोतों से होती रही, जिससे बिलासपुर का भूमिगत जल स्तर हमेशा बढ़िया रहा। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की तर्ज पर सरोवर धरोहर योजना के द्वारा तालाबों के संरक्षण और संवर्धन के कार्य को फलीभूत किया गया। कालांतर में विभिन्न इलाकों में बने बड़े तालाब क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ तालाबों के संरक्षण और संवर्धन हेतु नालों के गंदे पानी की एवम सफाई के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, सैर के लिए तालाब के चारों ओर पाथ वे और उद्यान बनाने, तालाब के अंदर लाईट फाउंटेन, बोटिंग की व्यवस्था, रेस्टोरेंट, कियोस्क और दुकानें , शापिंग केंद्र पार्किंग,कन्वेंशनल सेंटर सर्वसुविधा युक्त होगा पर्यटन केंद् विकसित करने का कार्य योजना बनाकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में आरंभ कराया गया। शहर के बड़े तालाबो में जतिया तालाब, जोरा तलाब हेमू नगर तालाब, बंधवा पारा तलाब, पटवारी तालाब, मामा भांजा तालाब,डीपूपारा, सहित अनेको तालाबों के संरक्षण संवर्धन और विकास के लिए योजना निर्माण एवं सुविधाओं की उपलब्धता सुलभ कराई गई। इलाकों में आसपास रहने वाले गरीब मध्यम वर्ग के लोगों की मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के लिए सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। तालापारा मिनी माता तालाब बिलासपुर की पुरातन प्राकृतिक विरासत है, हमने तालापारा के विकास के लिए सर्वे कराया,जिस पर अनेक झुग्गी झोपड़ी वासी थे जो इस तालाब के सँवारे जाने कार्य से प्रभावित होने की आशंका रखे हुए थे। जनसुनवाई एवं जनसंपर्क करके क्षेत्र के लोगों के बीच आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया। आज 35 करोड़ की अनुमानित लागत से तालापारा तालाब के विकास कार्यों की बात की जा रही है उसकी योजना स्मार्ट सिटी के मद से पूर्व में ही बना ली गई थी। श्री अमर अग्रवाल ने कहा सन 1984 -85 में आशा अभियान के तहत क्षेत्र की झुग्गी झोपड़ी वासियों के बहनों ने झुग्गी झोपड़ी की जगह आवास निर्माण हेतु सराहनीय पहल की थी, किन्ही कारणों से जो अधूरी रह गई।भाजपा शासनकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के मोर जमीन मोर आवास घटक के अंतर्गत तालाब किनारे झुग्गी झोपड़ी वाले परिवारों का सर्वे कराया गया और तालाब की भूमि पर बसे 725 एवं तालाब के किनारे 261 झुग्गी झोपड़ियों की जगह सुविधायुक्त मकान उसी स्थान पर बनाकर देने के लिए आवास की स्वीकृति प्रदान की गई थी ।इस हेतु आवश्यक ₹ 50 करोड़ रुपयों का प्रावधान हमने कराया लेकिन झुग्गी झोपड़ी वासियों के लिए उनका आशियाना बन जाए, यह मौकापरस्त राजनेताओं को मंजूर नहीं था, विस्थापन की समस्या के नाम पर वह जमीन पर कब्जे का भय दिखाकर लोगो को भ्रमित करने लगे, आज जब उनकी बारी आई है तो भी वह आवास नहीं दे पा रहे हैं और ना ही तालाब क्षेत्र का संवर्धन और संरक्षण कर पा रहे हैं। यहां के तालाब सहित शहर के सभी तालाबों में गंदगी आम हो गई हैं ।12 महीने पानी की समस्या रहती है, लोग निस्तार भी नहीं कर पाते, सुंदरता बढ़ाने के लिए कराए गए कार्य देखरेख और मरम्मत के अभाव में बदहाल हो रहे हैं। पहले शहर के तालाबों में पीने का पानी साफ़ और स्वच्छ रहता था मछली पालन भी हो जाता था, लेकिन अब पानी पीने लायक नहीं रहा, जलकुंभी से शहर के तालाबों में प्रदूषण बढ़ रहा है, गर्मियों में पानी का गंभीर संकट हो रहा है, वाटर लेवल सैकड़ों फीट नीचे चला जा रहा है, इस अव्यवस्थाओं की ओर कांग्रेस की सरकार ने ध्यान देना भी उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा तालापारा तालाब में दो साल पहले दूषित पानी पीने से 2 लोगों की मौत के बाद किनारे के तीन बोर बंद करने पड़े थे, क्योंकि तालाब का गंदा पानी बोर में आने लगा था। जतिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 6.50 करोड़ का टेंडर कराया था, कांग्रेस की सरकार आने के बाद क्रियान्वयन के समय के दौरान सवाल जतिया तालाब की बाउंड्री वाल का एक हिस्सा की शाम बारिश के दौरान भर भराकर गिर गया। दीवार गिरने के वक्त घूम रही गाय बुरी तरह घायल हो गई। स्मार्ट सिटी के फंड का दुरुपयोग हो रहा है गुणवत्ताहीन कार्य कराया जा रहा है, जांच का आश्वासन दिया जाता है जाँच कभी पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा पिछले दिनों जलकुंभी को हटाने के लिए हार्वेस्टर मशीन डेढ़ करोड़ की खरीदे जाने का समाचार आया, स्मार्ट सिटी के फंड से पैसा सैंक्शन होने के बाद भी जलकुंभी निकालने की मशीन कागजों में दौड़ रही है। लो लाइन एरिया और स्लम एरिया में रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं की बहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों में अड़ंगा लगाने वाले कांग्रेस के नेता अपनी बारी आने पर इन इलाकों में झांकने नहीं आते।

निस्तार पत्रक में तालाबमद की भूमि की जांच हो-
श्री अमर अग्रवाल ने कहा नगरीय आबादी के एक चौथाई इलाकों में रहने वाले झुग्गी झोपड़ी वासियों की मूलभूत सुविधाओं के शहरी सरकार चिंता नहीं करेगी तब तक नगरीयता एवं नगरीकरण के सारे मायने निकायों की तरक्की पर बाधक बने रहेंगे। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल से प्रशासन से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार तीस साल पहले की स्थिति में जिले के निस्तार पत्र में तालाब मद की चिन्हित निजी और सरकारी जमीन के अस्तित्व की पहचान की जाए, इन प्राकृतिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के मुताबिक संरक्षित किया जाए और कब्जा करने वाले भू माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। अमर अग्रवाल जी ने कहा नारो में ही नवा छत्तीसगढ़ बुलंद हो रहा है,धरातल पर जनता 5 सालों में ही सरकार से त्रस्त हो चुकी है।
फोटोजीवी जनप्रतिनिधियों को जनता सबक सिखाने के लिए है तैयार-कुमावत सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत ने कहा पिछले दिनों नागरिकों की सुविधा के लिए सिटी बस की व्यवस्था के सुचारू संचालन के विषय में हमने जन-जागरण किया। अगर सच में इन्हें जनता की परवाह होती सेवाओ की हालात में सुधार की पहल करते ।इसके उल्ट वे कलेक्टर के पास जाकर गुहार लगा रहे हैं, भोले भाले भाइयों को बरगला रहे हैं । हमने तो खुले मंच से कहा सिटी बस सेवा कबाड़ बदल गई है। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि सरकार और प्रशासन करोड़ों रुपए की ठप्प पड़ी सेवाओं का व्यवस्थित संचालन करें, लेकिन शहर के प्रतिनधि अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे, जनता के सामने झूठ और भ्रम परोसने के लिए पैदल मार्च की नौटंकी कर रहे हैं। ऐसी फोटोजीवी जनप्रतिनिधियों को शहर की जनता सबक सिखाने के लिए तैयार है।

आज के धरना प्रदर्शन में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष जयश्री चौकसे, भाजयुमो जिलाध्यक्ष निखिल केसरवानी, दीपक सिंह महेश चंद्रिकापुरे,जुगल अग्रवाल,अमित तिवारी,मनीष अग्रवाल,संदीप केशरी,रोहित मिश्रा,शोभा कश्यप,नारायण गोस्वामी,रीना गोस्वामी,दीपशिखा यादव,प्रशांत कश्यप,रिंकू मित्रा,सरिता कामढे,सीमा टंडन,वसीम खान,मीनाक्षी बोमेंई,मीना विश्वकर्मा,मंजुला सिंह,अनुराधा रामटेके,रीना कोरी,सुनीता चौधरी,परवीन बेगम,ज्योति टंडन,मीना यादव,सुरभि यादव,राम बाई,उर्मिला कुरे,अर्थ सिंह ,अभिषेक गौतम,प्रशांत कश्यप ,लक्ष्मी नारायण टंडन, दिलीप प्रजापति, भोला अहिरवार,चांद खान ,सहित बड़ी संख्या में भाजपा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिक उपस्थित थे।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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