हाथियों की बिजली करंट से मौतों पर स्वत: संज्ञान में ली गई जनहित याचिका: सचिव और मैनेजिंग डायरेक्टर से मांगा कोर्ट ने शपथ पत्र

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज 4 नवंबर) रायगढ़ जिले में घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में तीन हाथियों की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा तथा न्यायमूर्ति बी.डी.गुरु ने स्वत: संज्ञान में ली गई जनहित याचिका पर सुनवाई कर सचिव ऊर्जा विभाग तथा मैनेजिंग डायरेक्टर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी से शपथ पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए। प्रकरण की अगली सुनवाई 20 नवंबर को निर्धारित की गई है।

हस्तक्षेप याचिका भी लगाई गई
रायपुर के वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने भी जनहित याचिका में हस्तक्षेप याचिका दायर कर बताया कि बिलासपुर वन मण्डल में भी एक अक्टूबर को बिजली करंट से एक हाथी शावक की मौत हो गई। बिजली तार टूटने से 9 अक्टूबर को कांकेर में तीन भालू की मौत हो गई थी। शिकार करने के लिए लगाए गए बिजली तार से कोरबा में 15 अक्टूबर को दो लोग मारे गए थे तथा 21 अक्टूबर को भी शिकार करने के लिए लगाए गए बिजली तार से अंबिकापुर के बसंतपुर के जंगल में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। कोर्ट ने हस्तक्षेप याचियाचिकाकर्ता की याचिका पर भी शपथ पत्र देने के लिए आवेशित किया है।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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