दुर्ग ( वायरलेस न्यूज़) नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हादसे व भगदड़ के बाद ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब रेलवे प्रशासन ने बड़े कदम उठाए है. देश भर के सभी रेलवे स्टेशनों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. दुर्ग से प्रयागराज महाकुंभ में शामिल होने जाने वाले श्रद्धालुओं की रेला थम नहीं रहा है. मेले का समापन से पहले वहां जाने वालों की भीड़ अपेक्षाकृत फिर बढ़ रही है। भीड़ भाड़ को रोकने और भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आर पी एफ मुख्यालय ने सुरक्षा के कदम उठाए है। दी गई जानकारी के मुताबिक, भीड़ कंट्रोल करने के लिए दुर्ग रेलवे स्टेशन पर आर पी एफ और जी आर पी द्वारा यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में मदद किया जा रहा है और उन्हें ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में लगने को लेकर भी समझाइश दे रहे है। इधर भीड़ व अव्यवस्था से बचाने दुर्ग स्टेशन में आर पी एफ द्वारा कतार लगवाकर यात्रियों को कोच में बिठाया जा रहा है, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके जिसमे आर पी एफ का 20 से अधिक अधिकारी व जवान लगे रहते है। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्मूथ रश मैनेजमेंट को सुचारू बनाने के लिए सुरक्षा के इतिहायत के तौर पर जरूरी कदम उठाए गए है रेलवे प्रशासन के गाइडलाइन के अनुसार स्टेशनों पर सीढ़ियों, फुटओवर ब्रिज, गैलरी और प्लेटफार्म सहित संवेदनशील स्थानों का पहचान किया गया है ताकि इन क्षेत्रों में भीड़भाड़ की स्थिति से बचने के लिए निगरानी रखने के लिए रेलवे कर्मचारियों को तैनात किया गया है। सभी यात्रियों को सुरक्षा से यात्रा करने के लिए लाउड स्पीकर से समझाइश दी जा रही है और लगाए गए लाइन में लगकर ही ट्रेन में चढ़ने की सलाह दी जा रही है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.27काले कपड़े पहन कर पहुंची महापौर ओर उनकी परिषद महिला सशक्तिकरण बिल के पक्ष में या विरोध में — *नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी*
बिलासपुर2026.04.27सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान के तहत खाद्य ठेलों की सघन जांच, विक्रेताओं को दिए गए सुरक्षा निर्देश
Uncategorized2026.04.27कटघोरा एवं पाली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को होगी निर्बाध बिजली की आपूर्ति ,132 केव्ही उपकेन्द्र छुरीखुर्द में 40 एमव्हीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उर्जीकृत
Uncategorized2026.04.27छत्तीसगढ़ का बरनवापारा अभयारण्य बना विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरणों के पुनर्जीवन का मजबूत उदाहरण* *स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान*


