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ट्रेन में यात्री का अकलतरा में लाखों के जेवर हुआ पार आरपीएफ चांपा की सक्रियता से यात्री को सौंपा

On: October 7, 2025 6:02 PM

ईमानदारी की मिशाल पेश कर आरपीएफ चांपा की टीम ने किया सीना गर्व से ऊंचा

चांपा। वायरलेस न्यूज नेटवर्क । दिनांक 28 सितंबर 2025 को गाड़ी संख्या (68861 झारसुगुड़ा गोंदिया पैसेंजर ) मे अकलतरा स्टेशन में एक महिला यात्री का काले कलर का बैग मिस प्लेस हो जाने गुम जाने पर जिसमें लगभग चार लाख का सोना जेवर एवं एक वीवो कंपनी का मोबाइल था सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट चांपा की टीम ने काफी खोजबीन उपरांत सीसीटीवी फुटेज खंगालकर गुम बैग को असल मालिक को सौंप कर ईमानदारी की मिशाल पेश कर रेल सुरक्षा बल का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया है। चांपा रेल सुरक्षा बल पोस्ट प्रभारी निरीक्षक पुरुषोत्तम तिवारी ने मीडिया को जानकारी साझा कर बताया कि
कि दिनांक 28 सितंबर .2025 को गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया झारसुगुड़ा पैसेंजर मे एक महिला यात्री टिकट नंबर ALC13676445 अकलतरा स्टेशन से कापन जा रही थी ट्रेन 3:25 पर प्लेटफार्म नंबर 4 पर आई ट्रेन में बहुत ज्यादा भीड़ था उतरने चढ़ने वालों की संख्या बहुत ज्यादा था महिला यात्री का चढ़ते वक्त हाथ से बैग छूट गया और किसी उतरने वाले यात्री के हाथ में उनका बैग आ गया जिसकी सूचना अकलतरा कैंपिंग ऑन ड्यूटी प्रधान आरक्षक एस.के.महंत को दिया गया सूचना मिलते ही ऑन ड्यूटी एस के महंत द्वारा बैक का खोजबीन प्लेटफॉर्म स्टेशनअकलतरा में किया गया लेकिन बैग का पता स्टेशन प्लेटफार्म में नहीं मिला जिसकी सूचना रेल सुरक्षा बल पोस्ट प्रभारी निरीक्षक चांपा को बताया गया प्रभारी के दिशा निर्देशन पर प्रार्थी के घर वाले को बुलाया गया सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया जिसमें उक्त बैग जो गुम हो गया था मिस प्लेस हो गया था वह अन्य यात्री द्वारा ले जाया जा रहा था सीसीटीवी फुटेज की मदद से बैग का पता चल गया जो यात्री बैग लेकर गया था उनका भी पता चल गया उनको दिनांक 29सितंबर 2025 अकलतरा स्टेशन बुलवाकर प्रार्थी का बैग जिसमें एक हार सोने कीमत 300000 लाख 01 मोबाइल वीवो कंपनी जिसकी कीमत 12000 एक सोने का झुमका कीमत 100000 लाख लाख कुछ पुराने कपड़े1 लाख कुछ पुराने कपड़े टोटल गुम हुआ सामान का कीमत ₹412000 प्रार्थी के घर वाले को बुलाया गया जैसा बैग का होलिया था इस ट्रेन से उतरने वाले यात्री के हाथ में उनका बैग आ गया प्रार्थी के घर वाले बैग का पहचान किया फिर जो ले गया था उसको भी इधर-उधर से पता कर पहचान किया गया उनको बुलवाया गया प्रार्थी का बैग चेक कर जितना उसमें सब सामान था उनको गवाहों के समक्ष पंचनामा तैयार कर सुपुर्द नामा लिखवा कर प्रार्थी को बैग सही सलामत लौटाया गया lईमानदारी की मिशाल पेश कर आरपीएफ चांपा की टीम ने सीना गर्व से ऊंचा किया।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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