अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

ओडिशा इतिहास के हिन्दी अनुवाद का पीएम मोदी द्वारा लोकार्पण कल

On: April 8, 2021 2:26 PM
Follow Us:

(अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट वायरलेस न्यूज़)

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘उत्कल केशरी’ डॉ. हरेकृष्ण महताब द्वारा लिखित पुस्तक ‘ओडिशा इतिहास’ के हिंदी अनुवाद का लोकार्पण कल 09 अप्रैल शुक्रवार को अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ नई दिल्ली से दोपहर 12:00 बजे करेंगे। इस पुस्तक में ओड़िशा के इतिहास के बारे में बताया गया है।अब तक ओड़िया और अंग्रेजी में उपलब्ध इस पुस्तक का हिंदी में अनुवाद शंकरलाल पुरोहित द्वारा किया गया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कटक से बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब (एलएस) भी इस लोकार्पण अवसर पर उपस्थित रहेंगे। हिंदी संस्करण के विमोचन का आयोजन हरेकृष्ण महताब फाउंडेशन द्वारा किया गया है। “ओड़िशा इतिहास” पुस्तक डा० हरेकृष्ण महताब की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किताबों में से एक है। बताते चलें कि इससे पहले पीएम मोदी मार्च महीने में स्वामी चिद्भवानंदजी की भगवद्गीता का किंडल वर्जन लॉन्च और इससे भी पहले भगवद्गीता के श्लोकों पर 21 विद्वानों की टिप्पणियों वाली पांडुलिपि के 11 खंडों का विमोचन कर चुके हैं। गौरतलब है कि डॉ. हरेकृष्ण महताब भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण शख्सियत के साथ साथ ओड़िशा के पहले मुख्यमंत्री भी थे। वे संविधान सभा के सदस्य और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बड़े राजनेताओं में से एक थे , उन्हें लोकप्रिय उपाधि “उत्कल केसरी” के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के लिये उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोंड़ दी थी। उन्होंने वर्ष 1946 से 1950 तक और वर्ष 1956 से 1961 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने अहमद नगर किला जेल में ‘ओडिशा इतिहास’ पुस्तक लिखी, जहां उन्हें वर्ष 1942 -1945 के दौरान दो साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया। इसके बाद वर्ष 1948 में “ओड़िशा इतिहास” का ओड़िया एडिशन प्रकाशित किया गया।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Amit Mishra

अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Also Read

वर्ल्ड टाइगर डे पर विशेष:- सफेद बाघ का बच्चा जिसकी संतान है उस “मोहन” की कहानी (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज संपादक की कलम से)

शहरी भारत को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में केंद्र के बड़े कदम: पीएम आवास, जल सुरक्षा और सतत विकास पर फोकस*

आशीष कुमार दास इंफोसिस के अगले सीईओ होंगे, वे 1 अप्रैल 2027 से पूर्णकालिक सीईओ और एमडी होंगे

नियम — कानून ना मानने वालों का कैसा संवैधानिक अधिकार !!! नाबालिग से बलात्कारियों की सजा फांसी तय हो (मनोज कुमार द्विवेदी)

छत्तीसगढ़ की वैश्विक अस्मिता की नायिका : तीजन बाई (श्रद्धांजलि)

आषाढ़ मास के प्रथम दिवस रामगढ़ की पहाड़ी में विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला जहां महाकवि कालीदास ने “मेघदूत” की रचना के साथ मंचन भी किया था!

Leave a Comment