भद्रा का साया नहीं, इस वर्ष रक्षाबंधन पर बन रहा है दुर्लभ संयोग: ज्योतिषाचार्य पं. आशुतोष शुक्ल
न भद्रा का विघ्न, न चंद्र ग्रहण का प्रभाव; जानें रक्षाबंधन के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
भाई के भाग्योदय के लिए महत्वपूर्ण है राखी का रंग, यहाँ जानें सभी राशियों का सटीक विवरण
रक्षाबंधन पर्व: राखी बांधने के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त एवं रक्षासूत्र मंत्र
रक्षाबंधन पर गायत्री जयंती एवं वरदलक्ष्मी व्रत का शुभ संयोग

(बिलासपुर वायरलेस न्यूज छत्तीसगढ़)भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के पावन पर्व ‘रक्षाबंधन’ पर भद्रा काल और शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। राखी सदैव शुभ समय में ही बांधनी चाहिए ताकि भाई के जीवन में सुख, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद बना रहे।
28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन के लिए शास्त्रों और पंचांग की गणना के अनुसार शुभ मुहूर्तों का विवरण नीचे दिया जा रहा है:

सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त (प्रातः काल)
28 अगस्त को राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त प्रातः 7:15 बजे से प्रातः 9:15 बजे तक रहेगा।
पूर्णिमा तिथि प्रातः 9:45 बजे तक ही समाप्त हो रही है, इसलिए यह सबसे उत्तम रहेगा कि बहनें सुबह 9:45 बजे से पहले ही अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध लें। इस समय में राखी बांधना सर्वाधिक फलदायी और मंगलकारी माना गया है।
अन्य सामान्य शुभ मुहूर्त (उदया तिथि के प्रभाव से)
यदि किसी कारणवश आप प्रातः काल के इस सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में राखी नहीं बांध पाती हैं, तो आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सनातन धर्म के नियमानुसार ‘उदया तिथि’ का प्रभाव और महत्व पूरे दिन मान्य होता है।
अतः उदया तिथि के प्रभाव के कारण दिनभर में कुछ अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनमें आप राखी बांध सकती हैं। यद्यपि ये प्रथम मुहूर्त जितने विशेष नहीं हैं, फिर भी शुभ हैं:
दोपहर का मुहूर्त: 12 PM से 1.50 PM तक
गोधूलि / सायं काल का मुहूर्त: 6:00 PM से 7:15 PM तक
रात्रि का मुहूर्त: 9:30 PM से 10:30 PM तक
ध्यान रखें कि 10.30am से 12pm तक किसी प्रकार का नया यात्रा प्रारंभ ना करें (दैनिक गतिविधि या यात्रा पर यह नियम लागू नहीं होता) l अर्थात इस समय के पहले या इस समय के पश्चात ही अपने घर से बहन के घर के लिए अथवा बहन के घर से अपने घर के लिए या अन्य कहीं प्रस्थान करें l अन्यथा राहु काल के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है l

राखी बांधते समय बोलने योग्य वैदिक मंत्र
राखी बांधते समय यदि बहनें इस वैदिक मंत्र का उच्चारण करें, तो रक्षासूत्र का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। भाई के माथे पर तिलक लगाकर, दाहिनी कलाई पर राखी बांधते समय यह मंत्र बोलें:
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥
चंद्र ग्रहण का प्रभाव: भारतवासियों के लिए चिंता मुक्त
रक्षाबंधन के अवसर पर लगने वाले आंशिक चंद्र ग्रहण को लेकर भारतवासियों को तनिक भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। भारत में इस चंद्र ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा, अतः यहाँ ग्रहण या सूतक संबंधी किसी भी नियम का विचार नहीं किया जाएगा।
हालांकि, यह आंशिक चंद्र ग्रहण विदेशों के कुछ हिस्सों में प्रभावकारी रहेगा। इनमें हंगरी, ऑस्ट्रिया, अंटार्कटिका, अटलांटिक, हिंद महासागर, पश्चिमी एशिया, यूरोप, संपूर्ण अमेरिका, ब्राज़ील, फ्रांस, आयरलैंड आदि क्षेत्र शामिल हैं।
अतः जो लोग इन देशों में निवास कर रहे हैं और रक्षाबंधन का त्योहार मना रहे हैं, केवल उन्हें ही इस ग्रहण के प्रभाव पर विचार करने की आवश्यकता है, भारतीयों को नहीं। आप सभी भारतवासी नि:संकोच होकर पूरे उत्साह के साथ यह पावन पर्व मना सकते हैं।
राशिनुसार बांधें राखी, बढ़ेगी भाई की सुख-समृद्धि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि बहनें अपने भाई की राशि के स्वामी ग्रह के अनुकूल रंग की राखी बांधें, तो यह उनके जीवन में विशेष शुभ फलदायी होता है। आपके भाई की राशियों के अनुसार राखियों के शुभ रंग इस प्रकार हैं:
मेष लाल, गुलाबी या नारंगी रंग की राखी बांधना अत्यंत शुभ।
वृषभ सफेद, चांदी या चमकीले क्रीम रंग की राखी बांधना अत्यंत शुभ।
मिथुन हरे रंग या हरे मोतियों वाली राखी बांधना अत्यंत शुभ।
कर्क सफेद रेशमी, या मोतियों वाली राखी बांधना अत्यंत शुभ।
सिंह: सुनहरे, पीले या लाल-पीले मिश्रित रंग की राखी बांधना अत्यंत शुभ।
कन्या हरे रंग, पिस्ता कलर या चंदन की मोतियों वाली राखी बांधना अत्यंत शुभ।
तुला सफेद, हल्के नीले रंग की राखी
वृश्चिक गहरे लाल, मैरून या सिंदूरी रंग की राखी
धनु: पीले, सुनहरे या हल्दी के रंग की राखी
मकर गहरे नीले या रुद्राक्ष वाली राखी बांधना अत्यंत शुभ।
कुंभ नीले, जामुनी या गहरे रंग की राखी बांधना अत्यंत शुभ।
मीन पीले, केसरिया या लाल-पीले धागे वाली राखी बांधना अत्यंत शुभ।
भगवान शिव और माता भवानी की कृपा से आप सभी का यह रक्षाबंधन पर्व मंगलमय हो ।
भारत में चंद्र ग्रहण के साये से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, बेझिझक मनाएं भाई-बहन का पावन त्योहार
ज्योतिषाचार्य पं. आशुतोष शुक्ल जी महाराज
श्री शिव शिवा ज्योतिष परामर्श केंद्र
कार्यालय – सीपत चौक, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) 7000525127, 7509957905
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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