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राज्यपाल श्री डेका ने न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 16 वें मुख्य न्यायाधीश पद की दिलाई शपथ

On: September 7, 2026 10:27 AM

राज्यपाल श्री डेका ने न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की दिलाई शपथ

रायपुर, (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज 07 सितम्बर 2026) राज्यपाल श्री रमेन डेका ने न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र (Krushna Ram Mohapatra) को आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई।

इसके पूर्व श्री कृष्न राम महापात्र उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल श्री डेका ने मुख्य न्यायाधीश श्री कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी। राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, श्री अंज शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता श्री विवेक शर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल श्री रजनीश श्रीवास्तव सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे।

*श्री के आर महापात्र छत्तीसगढ़ के 16 वें मुख्य न्यायाधीश जीवन परिचय*

न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ। उन्होंने बी.ए. और एलएल.बी. की शिक्षा प्राप्त की। वे दिवंगत न्यायमूर्ति शरत चंद्र महापात्र के सुपुत्र हैं।


न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र ने 7 फरवरी 1988 को उड़ीसा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। अधिवक्ता के रूप में उन्होंने लगभग 26 वर्षों तक विभिन्न विधि क्षेत्रों में व्यापक अनुभव हासिल किया। उनके विधिक अभ्यास में दीवानी, सेवा, आपराधिक एवं संवैधानिक कानून के साथ-साथ अभिभावक एवं संरक्षक कानून, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता कानून, हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण कानून तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
उन्होंने अपने अधिवक्ता कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार तथा उड़ीसा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता (Additional Standing Counsel) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
इसके अलावा, उन्होंने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक्स लिमिटेड, क्योंझर, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड तथा बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के अधिवक्ता के रूप में विधिक सेवाएं प्रदान कीं।
कानून के विभिन्न क्षेत्रों में उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें 17 अप्रैल 2015 को उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।
न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र का न्यायिक सफर एक ऐसे विधिवेत्ता की यात्रा को दर्शाता है, जिन्होंने लंबे समय तक अधिवक्ता के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में कानून की गहन समझ विकसित करने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में न्यायिक दायित्व संभाला।
कानून के विभिन्न क्षेत्रों में उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें 17 अप्रैल 2015 को उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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