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अंबिकापुर में बनेगा वन्यजीवों के लिए ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर घायल और बीमार वन्यजीवों को मिलेगा तत्काल उपचार, रेस्क्यू-रिहैबिलिटेशन का समय होगा कम बिलासपुर कानन पेंडारी जू में घायल वन्यजीवों का अब नहीं लाएंगे

On: October 4, 2026 7:25 AM

महाराष्ट्र-तमिलनाडु की तर्ज पर अंबिकापुर में बनेगा वन्यजीवों के लिए ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर
घायल और बीमार वन्यजीवों को मिलेगा तत्काल उपचार, रेस्क्यू-रिहैबिलिटेशन का समय होगा कम


(अमित मिश्रा संपादक वायरलेस न्यूज) । सरगुजा क्षेत्र में घायल एवं बीमार वन्यजीवों के त्वरित उपचार और बेहतर संरक्षण के लिए अंबिकापुर के संजय पार्क में ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर (टीटीसी) स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु की तर्ज पर प्रस्तावित इस केंद्र के बनने से रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को उपचार के लिए दूर स्थित केंद्रों तक ले जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।


जानकारी के अनुसार टीटीसी का उद्देश्य घायल वन्यजीवों को तत्काल प्राथमिक उपचार, अल्पकालिक देखभाल और स्वस्थ होने तक उचित प्राकृतिक रखरखाव उपलब्ध कराना है। इससे वन्यजीवों को अनावश्यक तनाव से बचाने के साथ रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया को भी तेज किया जा सकेगा।
महाराष्ट्र में सफल मॉडल, छत्तीसगढ़ में भी पहल
महाराष्ट्र में ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर की व्यवस्था को राज्य स्तर पर संस्थागत रूप दिया गया है। इसी मॉडल को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ में भी टीटीसी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की गई है, जिसमें टीटीसी के लिए आवश्यक संसाधन, मॉडल बिल्डिंग डिजाइन, उपकरण और रजिस्टर से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। तमिलनाडु में भी ऐसी व्यवस्था पहले से संचालित होने की जानकारी दी गई है।
रेस्क्यू-रिहैबिलिटेशन का समय होगा कम
संजय पार्क में घायल तथा बीमार वन्यजीव के उपचार के लिए ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर (टी टी सी) बनाया जायेगा इस संबंध में 5अक्टूबर को स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के लिए एजेंडा पेश किया जाएगा अम्बिकापुर में टीटीसी बनाए जाने का प्रमुख कारण वहां से घायल तथा बीमार वन्यजीव को वर्तमान में उपचार के लिए बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी जू तथा जंगल सफारी लाया जाता है , जिससे लम्बी दूरी के कारण वन्यजीव को तनाव से बचाने नया टी टी सी बनाया जायेगा।वर्तमान में सरगुजा क्षेत्र में इस तरह की समर्पित सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण घायल वन्यजीवों को उपचार के लिए अपेक्षाकृत दूर स्थित केंद्रों तक ले जाना पड़ता है। इससे परिवहन के दौरान जानवरों में तनाव बढ़ने की संभावना रहती है। अंबिकापुर में टीटीसी बनने से वन्यजीवों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलने के साथ रेस्क्यू से रिहैबिलिटेशन तक का समय भी कम होगा।
ये सुविधाएं होंगी उपलब्ध
प्रस्तावित केंद्र में वन्यजीवों के लिए क्वारंटाइन, आइसोलेशन एवं अल्पकालिक रखरखाव बाड़े, प्राथमिक पशु चिकित्सा उपचार एवं स्थिरीकरण की सुविधा, चारा-आहार एवं औषधि भंडारण गृह तथा घायल या रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों के लिए जांच एवं परीक्षण क्षेत्र विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
संजय पार्क में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग पर जोर
प्रस्ताव के अनुसार अंबिकापुर स्थित संजय पार्क में पहले से उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कर प्रथम चरण में टीटीसी की शुरुआत की जा सकती है। इससे नए निर्माण पर होने वाला प्रारंभिक खर्च कम होगा और उपलब्ध शासकीय परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग भी संभव होगा।
बताया गया है कि संजय पार्क में वन्यजीवों के लिए ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर का प्रस्ताव गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व की तकनीकी मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) को भेजा जा चुका है। क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष, सड़क एवं विद्युत दुर्घटनाओं, बीमारी, चोट तथा अन्य परिस्थितियों में घायल अथवा संकटग्रस्त वन्यजीवों के त्वरित रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार के लिए इस केंद्र की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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