🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

रावण दहन की 20 लाख की निविदा पर कांग्रेस का सवाल—‘चार लाख का काम, 20 लाख का खर्च क्यों?’बिलासपुर में त्योहारों के सरकारीकरण का आरोप, नगर निगम से मांगा जवाब

On: October 3, 2026 2:47 PM

रावण दहन की 20 लाख की निविदा पर कांग्रेस का सवाल—‘चार लाख का काम, 20 लाख का खर्च क्यों?’


बिलासपुर में त्योहारों के सरकारीकरण का आरोप, नगर निगम से मांगा जवाब


बिलासपुर। ( वायरलेस न्यूज) साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा उत्सव एवं रावण दहन के लिए नगर पालिक निगम द्वारा जारी की गई करीब 20 लाख रुपये की निविदा को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने इसे लेकर प्रेसवार्ता कर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरी निविदा प्रक्रिया और आयोजन के औचित्य को सार्वजनिक करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम द्वारा दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा उत्सव आयोजित किए जाने के लिए निविदा जारी की गई है। उनका सवाल है कि क्या इस आयोजन का प्रस्ताव नगर निगम की एमआईसी में विधिवत पारित किया गया है? यदि प्रस्ताव पारित है तो शहर की महापौर पूजा विधानी को इसकी जानकारी क्यों नहीं है? वहीं यदि एमआईसी से प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है तो बिना प्रस्ताव के निविदा कैसे जारी की गई?
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि साइंस कॉलेज मैदान में पहले से ही एक समिति द्वारा रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है, ऐसे में नगर निगम द्वारा उसी स्थान पर अलग से आयोजन कराने की आवश्यकता क्यों पड़ी। कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि जब नगर निगम एक ही है तो रावण दहन के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजन क्यों किया जा रहा है।
20 लाख की निविदा पर उठे सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन के आयोजन के लिए करीब 20 लाख रुपये की निविदा निकाली गई है, जबकि उनके अनुसार इस आयोजन का वास्तविक खर्च लगभग चार लाख रुपये के आसपास हो सकता है। कांग्रेस ने इसे गंभीर वित्तीय सवाल बताते हुए नगर निगम से खर्च का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।
रावण के पुतले के लिए करीब 6 लाख रुपये के प्रस्ताव पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सामान्य तौर पर कम लागत में पुतला तैयार हो सकता है, ऐसे में छह लाख रुपये का प्रावधान क्यों किया गया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में सवाल किया कि “क्या नगर निगम सोने का रावण जलाने जा रही है?”
‘त्योहारों का सरकारीकरण उचित नहीं’
कांग्रेस ने कहा कि दशहरा, रावण दहन और अन्य त्योहार सामाजिक एवं सार्वजनिक सहभागिता से आयोजित होते रहे हैं। ऐसे आयोजनों में नगर निगम के हस्तक्षेप को कांग्रेस ने ‘त्योहारों के सरकारीकरण’ की दिशा में कदम बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि नगर निगम के पास अतिरिक्त बजट है तो उसे सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और अन्य जनहित के कार्यों में खर्च किया जाना अधिक उपयोगी होगा।
कांग्रेस कमेटी बिलासपुर ने दावा किया कि यदि नगर निगम साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन का आयोजन करना चाहती है तो कांग्रेस अपने सहयोग से वहां होने वाले आयोजन का संपूर्ण खर्च उठाने के लिए तैयार है। कांग्रेस ने नगर निगम से आयोजन की राशि जनहित के कार्यों में लगाने की मांग की।
पुलिस ग्राउंड को लेकर भी सवाल
कांग्रेस ने पूछा कि यदि नगर निगम साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन के लिए 20 लाख रुपये की निविदा जारी कर रही है, तो क्या पुलिस ग्राउंड में होने वाले रावण दहन के लिए भी इसी तरह की निविदा जारी की जाएगी? कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि यदि नगर निगम दशहरा आयोजन करना ही चाहती है तो शहर के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी समान रूप से आयोजन क्यों नहीं किया जाता?
कांग्रेस नेताओं ने पूर्व में एमआईसी से पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि उसके अनुसार बिलासपुर नगर विधायक द्वारा पुतला दहन किए जाने की बात सामने आई थी। अब सवाल यह है कि साइंस कॉलेज मैदान के प्रस्तावित आयोजन में पुतला दहन कौन करेगा और क्या वहां भी इसी व्यवस्था का पालन किया जाएगा।
कांग्रेस ने नगर निगम से निविदा की पूरी प्रक्रिया, एमआईसी प्रस्ताव, आयोजन का बजट, पुतले की लागत तथा दोनों स्थानों पर होने वाले दशहरा आयोजनों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment