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भगवान जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी की प्रेरणा से श्रीकथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस गुरु-शिष्य परंपरा एवं भक्ति का संदेश

On: October 5, 2026 5:07 PM

भगवान जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी की प्रेरणा से श्रीकथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस गुरु-शिष्य परंपरा एवं भक्ति का संदेश

बिलासपुर।( वायरलेस न्यूज) भगवान जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से बिलासपुर के श्री खाटू श्याम मंदिर, घोंचा बाबा मंदिर परिसर, गोलबाजार में चल रहे तीन दिवसीय श्रीकथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं ने कथा, भजन-कीर्तन, रासलीला एवं श्री लीलामृत के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण रसपान किया। कथा परिसर पूरे दिन भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
द्वितीय दिवस के प्रवचन में प्रवचनकार ने भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि शिष्य के जीवन को सही दिशा देकर उसे धर्म, भक्ति एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि सद्गुरु की शरण में जाकर गुरु दीक्षा ग्रहण करना जीवन का महत्वपूर्ण संस्कार है और सद्गुरु की कृपा से मनुष्य का जीवन सफल, सार्थक एवं कल्याणमय बनता है।
प्रवचन में जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मनुष्य के अंतरमन और बहिरमन में एकाग्रता का अभाव उसके अनेक दुःखों का कारण बनता है। मन का स्वभाव चंचल है, जिसके कारण व्यक्ति अपने लक्ष्य से विचलित हो सकता है। ऐसे में सद्गुरु की शरण में रहकर भक्ति का मार्ग अपनाना आवश्यक है। भक्ति अंतरमन और बहिरमन को एकसूत्र में जोड़ती है, जिससे निर्णय क्षमता, विवेक, आत्मसंयम, उत्साह, साहस एवं सकारात्मक चिंतन का विकास होता है और मनुष्य सत्पथ की ओर अग्रसर होता है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण रासलीला का आनंद लिया और भक्तिभाव में नृत्य किया। साथ ही जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी द्वारा रचित ‘श्री लीलामृत’ के दिव्य प्रसंगों का श्रवण कर श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। भजन एवं संकीर्तन से पूरा कथा परिसर भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर प्रवचन में जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी की प्रेरणा से संचालित विभिन्न लोककल्याणकारी एवं मानवतावादी सेवाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें निःशुल्क अन्नदान, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा, राष्ट्रीय राजमार्गों पर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा, रक्तदान शिविर, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण तथा निःशुल्क वैद्यकीय सेवाएं प्रमुख हैं। संस्थान द्वारा बताए गए सेवा कार्यों में 1,56,129 से अधिक परिवारों की घर-वापसी, 250 देहदान, 219 अवयवदान, जनवरी 2026 में 15 दिनों में 1,71,150 यूनिट रक्तदान तथा 5 से 19 जुलाई 2026 के दौरान 6,18,009 पौधों का वृक्षारोपण शामिल है। जरूरतमंद मरीजों के लिए Blood In Need हेल्पलाइन 9619171004 भी संचालित की जा रही है।
कार्यक्रम में रामानंद संप्रदाय छत्तीसगढ़ के उपपीठ प्रमुख घनश्याम माहेश्वरी, पीठ सदस्य सच्चिदानंद उपासने, पीठ सह प्रमुख मुन्नालाल मोटघरे, पीठ व्यवस्थापक प्रकाश अंगाडे सहित सभी जिलों के अध्यक्ष, निरीक्षक, समिति सदस्य तथा छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। तीनों दिवस भंडारा एवं प्रसादी वितरण की व्यवस्था भी की गई है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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