किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद

महासमुंद- भारतीय जनता पार्टी के सरायपाली के नेताओं ने सरायपाली के कांग्रेस विधायक किस्मत लाल नंद के विरुद्ध कार्यवाही हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है और शीघ्र कार्यवाही हेतु आग्रह किया है।
एसडीएम सरायपाली के नाम सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा नेताओं द्वारा उल्लेख किया गया है कि विगत दिनों सोशल मीडिया पर एक पत्रकार एवं आर एस एस को अश्लील गाली गलौज का लेख एवं ऑडियो वायरल हुआ जो कि कथित पत्रकार एवं विधायक किस्मत लाल नंद के मोबाइल क्रमांक 94062 85466 से दिनांक 1.6. 2021 को की रात 10:00 बजे की घटना कथित है। भाजपा नेताओं ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि हम इस संबंध में गंभीर आपत्ति दर्ज करते हुए ऑडियो के आधार पर आरोपी किस्मत लाल नंद कांग्रेस विधायक के विरुद्ध आईटी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर दंडित करने न्यायालयीन कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं।
स्थानीय भाजपा नेताओं के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में उल्लेख किया गया है की विधायक किस्मत लाल नंद व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामनारायण आदित्य के नेतृत्व में विगत दिन दिनांक 29 मई 2021 कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सरायपाली शहर स्थित गोलवलकर विद्यालय से गुरुजी ध्यान केंद्र हटाने के लिए भाजपा का कार्यालय होने का झूठा प्रचार कर जन भावना भड़काने लोगों को आकर्षित करने धारा 144 का उल्लंघन कोरोनावायरस करते हुए भीड़ भाड़ एकत्र करने, बिना अनुमति आंदोलन करने, भाजपा के नाम से अंतर्गत झूठा प्रचार करने जैसा एक साथ अनेक गंभीर अपराध की लिखित शिकायत किए जाने के पश्चात कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण विधायक एवं उनके कार्यकर्ता अति उत्साह में गाली गलौज करने लगे हैं जिस पर शीघ्र कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।
पूर्व विधायक रामलाल चौहान, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विपिन उबोवेजा, संजय शर्मा, देवेंद्र शर्मा, कामता पटेल, के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि सरायपाली शहर एवं आसपास के क्षेत्र के r.s.s. एवं भाजपा के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूर्ण शांति एवं सद्भावना पूर्ण परिस्थितियों को शांत कर रहे हैं इसलिए उक्त दोषियों के विरुद्ध विधि अनुकूल कार्रवाई की अपेक्षा प्रशासन से रखते हैं यदि शीघ्र ही नहीं हुई तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हिंसक एवं पूर्ण आचरण से भविष्य में संयम एवं मर्यादा की सीमा यदि टूट जाती है तो अशांति, विवाद और किसी उग्र प्रदर्शन अथवा न्याय एवं व्यवस्था भंग के लिए विधायक, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ साथ प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा।