● संकटकाल की ड्यूटी में सेवाभाव का परिचय देने वाले पुलिसकर्मियों की भी प्रशस्ति पत्र से हौसला अफजाई….
रायगढ। दूरदर्शी विचार रखने वाले पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा लॉकडाउन की स्थिति में असहाय, घूमंतू, दैनिक भोगी मजदूरों को विशेषकर भोजन की होने वाली समस्या के दृष्टिगत “पुलिस हेल्प डेस्क” प्रारंभ किया गया । जिला पुलिस द्वारा सक्षम लोगों के साथ जिले के समाजसेवी/धार्मिक संस्थाओं, कम्पनियों को जरूरतमंदों में वितरण हेतु मदद की अपील की गई, अपेक्षा अनुरूप “पुलिस हेल्प डेस्क” को काफी बड़ी संख्या में जिले के गणमान्य नागरिकों, राजनैतिक दलों, धार्मिक एवं समाजिक संस्थाएं, महिला समूह की प्रमुख लोगों द्वारा सूखा राशन, पका हुआ भोजन व अन्य आवश्यक सामग्रियां जरूरतमंदों में वितरण के लिये उपलब्ध कराई गई जिसे पुलिसकर्मियों द्वारा जरूरतमंदों में वितरण कर उन्हें कुछ राहत पहुंचाई गई । “पुलिस हेल्प डेस्क” के जरिए सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाले ऐसे 77 सम्मानीय नागरिक जो सामाजिक, धार्मिक, व्यवसयिक संस्थाओं, राजनैतिक दलों, महिला समूह के हैं, जिन्हें रायगढ़ पुलिस द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है, जिनकी सूची संलग्न है । इसी क्रम में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इनमें से कुछ सीमित लोगों को पुलिस कंट्रोल रूम आमंत्रित किया गया था, जिन्हें पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया है । शेष अन्य सम्मानित नागरिकों को उनके क्षेत्र के पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, थाना प्रभारी के द्वारा सम्मानित किया जावेगा । कोरोना दूसरी लहर में कानून व्यवस्था ड्यूटी के साथ लॉकडाउन का बखूबी पालन कराते हुए मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए आमलोगों की मदद करने वाले करीब दो दर्जन पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को भी पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला अफजाई किया गया है ।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.02.08छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक शाला बिलासपुर 1992–93 बैच का भव्य पुनर्मिलन समारोह सम्पन्न
Uncategorized2026.02.06शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए : राजेश चटर्जी
छत्तीसगढ़2026.02.06अमरकंटक जलेश्वर पेंड्रा मार्ग और आसपास के जंगलों में बीते तीन दिनों से बाघिन की मूवमेंट
धर्म-कला-संस्कृति2026.02.06संत बाबा मेहरवान सिंह साहेब जी की (मासिक) वर्सी हर्षोल्लाह से मनाई गई,श्री सुखमणी साहिब का पाठ


