बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) एटीआर के छपरवा रेंज से लाई गई घायल बाघिन को कानन पेंडारी वजू हॉस्पिटल ने अंततः पहले जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है और आज हॉस्पिटल में पिंजड़े के अंदर बंद बाघिन खुले आसमान में जाने लगातार दहाड़ भी लगा रही है, पूरा कानन स्टाफ बाघिन के स्वस्थ होने पर खुश है।
बिलासपुर डीएफओ श्री कुमार निशांत ने बताया कि बाघिन की स्थिति लगभग पहले जैसी होने को है ,और कानन के डॉ श्री पांडेय प्रत्येक दो-दो घँटे बकायदे नजर में रख रहे है। उन्होंने आगे कहा कि बाघिन को जंगल में छोड़े जाने के लिए एनटीसीए की गाइड लाइन को फॉलो किया जाएगा, जिसमे 5 लोगों की कमेटी बनाई जाएगी और वही निर्णय लेगी की क्या करना होगा।
कानन पेंडारी जू के अधीक्षक अधीक्षक श्री संजय लूथर ने बताया कि आज घायल बाघिन पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रही हैं और लगभग 7 किलो चिकन भी खाई है, आज कानन प्रबंधन ने घायल बाघिन का नामकरण भी कर दिया है उसे अब “रजनी”के नाम से पुकारने लगे है ।
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