बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) शासकीय ज़मीनों के नीलामी वाले एक जनहित याचिका पर आज छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के माननीय चीफ़ जस्टिस न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा जी के बैंच में सुनवाई हुई
जिसमें याचिकाकर्ता सुशांत शुक्ला की ओर से अधिवक्ता श्री रोहित मिश्रा में एंव राज्य सरकार की ओर से श्री वी आर तिवारी(अतिरिक्त महाधिवक्ता),श्री चंद्रेश श्रीवास्तव(उप महाधिवक्ता)ने पैरवी की
मान.न्यायालय में याचिकाकर्ता सुशांत शुक्ला के अधिवक्ता रोहित मिश्रा जी नें राज्य सरकार के द्वारा अभी तक पुरे प्रदेश के 30 ज़िलों में शासकीय भूमि के नीलामी के तहत किये गये आंबटन एंव उसके हितकारियों की सूची की माँग करते हुये आपत्ति की
जिस पर मान.न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश प्रंशात मिश्रा जी द्वारा विषय की गंभीरता को दुष्टिगत रखते हुये राज्य शासन को अब तक पुरे प्रदेश में नीलाम की गई कुल ज़मीनों/कितने आंबटन एंव संबँधित प्रक्रिया की हितग्राहियों की सम्पूर्ण सूची चार हफ़्ते में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश शासन को दिया है
संबंधित याचिका के याचिकाकर्ता सुशांत शुक्ला नें इस विषय पर यह कहा है
की मान.न्यायलय नें एक सुंसंगत आदेश जारी किया है जिससे
छत्तीसगढ में सरकार के सरंक्षण में भू माफ़ियाओं एंव सत्ताधारी दल से जुडे ज़मीन के बड़े व्यापारी के नाम उजागर होंगे
और न्यायालय के द्वारा जॉच उपरांत देश के सबसे बड़े ज़मीन छोटाले का पर्दाफ़ाश होगा
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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