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कानन जू की ब्यवस्था दूसरे जू की अपेक्षा उत्कृष्ट, बायसन की मौत बाड़े में अधिक वृक्षो के चलते : डॉ ए बी श्रीवास्तव

On: August 2, 2021 5:33 PM

बिलासपुर (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज़) आज कानन पेंडारी जू में मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ बोर्ड के सदस्य एवं वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ के पूर्व डायरेक्टर डॉ ए. बी. श्रीवास्तव दो दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे और उन्होंने कानन पेंडारी जू में वन्यजीव को घूमकर प्रत्यक्ष देखा और यहां की ब्यवस्था दूसरे जू की अपेक्षा उत्कृष्ट बताया उक्ताशय की जानकारी बिलासपुर के वनमंडलाधिकारी श्री कुमार निशांत ने दी।
डॉ श्रीवास्तव ने कहा की कानन जू के वन्यजीव काफी पुष्ट है खाद्य भी अच्छी क्वालिटी की दी जा रही है। दो दिन पहले बायसन की हुई मौत को लेकर जू के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मंगाकर भी देखा साथ ही बायसन जहां मृत हुई वह स्थान को भी बारीकी से अवलोकन किया और उन्होंने मौत के पीछे बाड़े में बड़े बड़े वृक्षों का होना भी एक कारण बताया, उनका कहना था कि बायसन हमेशा ग्रासलैंड का वन्यजीव है। बाड़े के वृक्षों को काटने की सलाह भी दी। वैसे कानन की ब्यवस्था से वे काफी प्रभावित लगे।
इसी के साथ ही हाल ही में एटीआर से लाई गई बाघिन को भी नजदीक से देखा और पूरी रिपोर्ट का भी अवलोकन किया तथा अब तक हुए इलाज पर सन्तोष ब्यक्त किया। हालांकि बाघिन अभी भी पहले जैसे स्थिति में नही आ पाई है। उन्होंने कहा कि बाघिन को अर्थराइटिस हो गई है और उसके लिए जू के डॉक्टरों को दवा भी बताई जिसे देने को कहा।
कल बाघिन को लेकर डॉ ए बी श्रीवास्तव समिति के सात सदस्यों के साथ बैठक करने वाले है। हालांकि उन्होंने बैठक का एजेंडा नही बताया।

एक साल में 8 वन्यप्राणियों की हुई मौत :डीएफओ कुमार निशांत

डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि कानन में करीब 6 करोड़ पर्यटक हर साल आते हैं। 114 हेक्टेयर में फैले हुए इस जू में 6० स्पीशीज के लगभग 679 जानवर मौजूद है। मौजूदा वक्त में 7 शेर यहां पर हैं। इनमें 3 नर शेर है। 3 सफ़ेद बाघ भी है और 4 बंगाल टाइगर हैं। यहां पर एक शुतुरमुर्ग के साथ साथ पहले 6 बायसन यानी जंगली भैंसे भी मौजूद थे। पिछले दिनों दो बायसन की मौत ने इनकी संख्या अब 4 रह गई है। इस वर्ष कुल 7 वन्यप्राणियों की मौत हुर्ह है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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