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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक आम जनता की पहुंच कितनी आसान, यह तो देखिए, दिव्यांग ने गूगल पर नंबर सर्च कर सीएम को सीधे कर दिया काॅल
दो दिन में मुख्यमंत्री ने दिला दी ट्राईसिकल

On: September 20, 2021 3:00 PM

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़ 20 सितम्बर 2021) छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल तक आम जनता की पहुंच कितनी सुलभ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अज्ञात नंबर से काॅल आने पर भी उन्होंने न केवल फोन करने वाले की बात सुनी अपितु उनकी समस्या का निराकरण भी तत्परता से कर दिया।
दिव्यांग श्री रवि कश्यप ने गूगल से मुख्यमंत्री का नंबर खोज कर उन्हें शनिवार को उन्हें सीधे फोन कर दिया। दो दिन के भीतर ही श्री कश्यप को मुख्यमंत्री ने ट्राईसिकल प्रदान कर दी। इस प्रकार के चमत्कार की उम्मीद छत्तीसगढ़ में ही की जा सकती है, जहां राज्य का मुखिया सभी लोगों के लिए पहुंच योग्य है। आज यहां अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान सकरी हेलीपेड पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्री कश्यप को ट्राईसिकल देकर अपनी शुभकामनाएं दी।
मस्तूरी विकासखण्ड के ग्राम मुड़पार निवासी 25 वर्षीय श्री रवि कश्यप दिव्यांग है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की संवेदनशीलता के विषय में मैंने सुना था। गूगल से उनका नंबर खोज कर नंबर की वैधता परखने के लिए मैंने उन्हें सीधे फोन कर दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इत्मीनान से उनकी पूरी बात सुनी और ट्राईसिकल की उनकी मांग को पूरा करने के संबंध में आश्वस्त भी किया। श्री कश्यप बताते है कि यह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ही है, जिसके चलते उन्हें दो दिन के भीतर ही ट्राईसिकल मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रदान कर दी। वे कहते हैं कि छत्तीसगढ़ ही ऐसा राज्य है जहां के मुखिया तक कोई भी व्यक्ति पहुंचकर अपनी बात सीधे रख सकता है। श्री कश्यप ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पिता श्री चुंगु राम कश्यप की आमदनी से ही छह सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण होता है। श्री कश्यप ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप ही उन्हें ट्राईसिकल दो दिन के भीतर ही मिल गई। इस दौरान संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह, कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर भी मौजूद थे।
क्रमांक 1013/रचना
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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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