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“जस्टिस फ़ॉर लावण्या” के लिए अब हिंदूवादी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने मोर्चा संभाला, लावण्या का 47 सेकंड का वीडियो सामने आया, जिसमे जस्टिस फ़ॉर लावण्या ट्विटर पर ट्रेंड कर गया

On: January 24, 2022 11:05 AM

Sunita Gupta (वायरलेस न्यूज़): जशपुर ।। “जस्टिस फ़ॉर लावण्या” के लिए अब हिंदूवादी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भी मोर्चा संभाल लिया है। हम आपको बता दें कि जैसे ही लावण्या का एक 47 सेकंड का वीडियो सामने आया, जिसमे जस्टिस फ़ॉर लावण्या ट्विटर पर ट्रेंड कर गया।

यह बताना भी आवश्यक होगा कि जानकारी के अनुसार तमिलनाडु की लावण्या तंजावुर के सेंट माइकल्स गर्ल्स होम नाम के एक बोर्डिंग हाउस में थी. लावण्या की मौत के बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें देखा जा सकता है कि छात्रा ने इस बात को कबूला है कि हॉस्टल में उसे लगातार डाटा जाता था और उससे हॉस्टल के सभी कमरो को साफ करने के लिए भी कहा जाता था, इतना ही नहीं छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे लगातार ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी मजबूर किया गया। इन सब घटनाओं के परेशान होकर छात्रा ने खुदकुशी करने के कोशिश की और इसके लिए उसने कीटनाशक को खा लिया। जिससे उसकी मौत हो गयी थी, और इस वीडियो में लावण्या ने अपनी आपबीती सुनाई थी, कि कैसे उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
आज जशपुर से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि तमिलनाडु में ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रताड़ित होने के कारण बेटी लावण्या के आत्महत्या ने पुनः मुझे झकझोर कर रख दिया है।मुझे इस बात को कहने में तनिक भी संकोच नहीं है कि ईसाई मिशनरी सेवा के बदले सौदा करती हैं और धर्मांतरण के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाती हैं।
इसका प्रतिकार ही उपचार है।जबतक हिन्दू समाज अपने आक्रोश को प्रदर्शित नहीं करेगा और सहिष्णु बना रहेगा तबतक ये विघटनकारी शक्तियां अपना कुचक्र चलाती रहेंगी।
अब वक्त आ गया है सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए अक्रात्मकता का।मेरे स्वर्गीय पिता ने बहुत सोंच समझकर घरवापसी कार्यक्रम शुरू किया था जिसे मैं आखिरी धर्मांतरित हिंदू की घरवापसी तक चलाता रहूंगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थानों को चिह्नित कर बंद करवाना बहुत जरूरी है तथा इसमें शामिल लोगों पर हत्या का मामला दर्ज हो ताकि बेटी लावण्या को इंसाफ मिल सके।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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