दादा साधु वासवानी जी का 143 वा अवतरण “दिवस शाकाहार दिवस के रूप में देश भर में मनाया गया

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) दादा साधु वासवानी सेंटर बिलासपुर इकाई के द्वारा दादा का143 वा जन्म उत्सव शाकाहार दिवस के रूप में बिलासपुर में भी मनाया गया कार्यक्रम 24 नवंबर को जागरूकता रैली निकाली गई थी लोगों को शाकाहार के लिए प्रेरित करने के लिए 25 नवंबर को शाम 5:00 बजे रामा वेली स्थित साधु वासवानी उद्यान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे श्री एल एन मिश्र ,,, डीआईजी सीआरपीएफ बिलासपुर
श्रीमती कमला मिश्र
कार्यक्रम की शुरुआत दादा साधु वासवानी दादा जेपी वासवानी जी के फोटो पर फूलों की माला पहना कर दीप प्रज्वलित करके की गई सपना कलवानी एवं चित्रा पंजवानी के द्वारा नूरी ग्रंथ और अंजलि संग्रह ग्रंथ को भोग लगाया गया
दादाजी के हृदय स्पष्ट भजन कीर्तन का आयोजन किया गया जिसमें अपनी मधुर सुरीली आवाज से श्री देवेंद्र गोस्वामी जी के द्वारा भक्ति भरे भजन गाए गए
जिसकी प्रतिमा इतनी सुंदर है वह कितना सुंदर होगा
दादा प्यारे दादा प्यारे प्यारे दादा हमारे
दादा आपकी कृपा से सब काम हो रहे हैं करते आप हो नाम हमारा हो रहा है
हरे कृष्णा हरे राम दादा श्याम
ऐसे भक्ति भरे
भजनों की शानदार प्रस्तुति दी गई
रामा वेली परिवार के द्वारा छोटे बच्चों ने भक्ति भरे गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी
एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से दादा साधु वासवानी जी और दीदी कृष्ण कुमारी जी द्वारा संदेश सुनाया गया व दादा के जीवन कि कई दिल को छू लेने वाली बातें भी बताई गई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि DIG
श्री एलएन मिश्र जी ने
अपने उद्बोधन में कहा कि वह बड़े भाग्यशाली हैं कि आज ऐसे महान संत के अवतरण दिवस पर मुझे यहां आने का मौका मिला मुझे बहुत खुशी हुई यहां आकर जो आत्मिक शांति मिली है वह मैं शब्दों से ब्यान नहीं कर सकता
दादा ने पूरे विश्व को शाकाहार अपनाने का जो संदेश दिया है वह मानवता के लिए जरूरी है भगवान ने हमें इंसान बनाया है ना कि जानवर बनाया है हमारे शरीर वह हमारे खाने के दांत और जानवरों के शरीर और खाने के दात दोनों अलग-अलग हैं हमारे लिए भगवान ने फल फ्रूट व कई सब्जियां दी है पर जानवरों के लिए यह सब नहीं है सृष्टि की रचना करते हुए भगवान ने सभी के भोजन की व्यवस्था की है और सभी को जीने का अधिकार है इंसान हो या जानवर हो सभी से प्रेम करना चाहिए और दादा का भी यही संदेश है मैं बचपन से शाकाहारी हूं मेरी उम्र लगभग 60, साल है आज भी मैं किसी युवा की तरह ताकत और जज्बा रखता हूं मुझे आज तक कोई बीमारी नहीं हुई है मैं स्वस्थ हूं तंदुरुस्त हूं इसका कारण है कि मैं शाकाहारी हूं शाकाहार को अपनाया है अपने जीवन में कभी भी मांस मदिरा व अन्य हानिकारक चीजों से दूर रहा हूं
जैसा आप भोजन करेंगे वैसे ही विकृति और आपके स्वभाव में फर्क नजर आएगा इसलिए दादा के संदेश को घर-घर तक आप लेकर जाएं आप खुद भी शाकाहारी बने और दूसरों को भी शाकाहारी बनने के लिए प्रेरित करें सब से प्यार करो छोटा हो या बड़ा हो सब से प्रेम करो प्यार से बातें करो प्यार बांटते चलो जैसा बीज लगाओग वैसा फल तुम पाएंगे इसलिए प्यार से बड़ी कोई चीज नहीं है
इस अवसर पर डॉक्टर रमेश कलवानी
व नानक पंजवानी ने भी भक्ति भरे भजन गाए
मेला दिनों का खुशी का है जमाना मुबारक हो दादा जन्मदिन तुम्हारा हर साल सब को यूंही बुलाना मुबारक हो दादा जन्मदिन तुम्हारा
मेरी जन्नत भी तू मेरी दौलत भी तू मेरे लिए मेरा सब कुछ तू ही तू दादा
ऐसे भक्ति भरे भजनों को
सुनकर भक्तजन भाव विभोर हो गए राजेश कलवानी के द्वारा दादा के जीवन के बारे में प्रकाश डाला गया डॉक्टर अभिषेक कलवानी ने कहा अपने बच्चों को अभी से ही मांसाहार से दूर रखें व शाकाहार से उनका खान-पान में ध्यान दें हरी सब्जियां फल फ्रूट मैं जो विटामिन है वह मांसाहार में नहीं है अगर आपके बच्चे अभी से मांस अंडा खाएंगे तो उनकी विकृति वह आगे चलकर कई बीमारियां आ सकती हैं इसलिए अपने बच्चों को अभी से ही शाकाहारी भोजन दे
कार्यक्रम के आखिर में आरती की गई प्रसाद वितरण किया गया आए हुए अतिथि का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया और शाल श्रीफल से सम्मान किया गया पत्रकार फोटोग्राफर विजय दुसेजा का भी स्वागत और सम्मान किया गया आज के इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में साधु वासवानी मिशन बिलासपुर सेंटर के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा इनमें प्रमुख हैं डॉ रमेश कलवानी राजेश कलवानी नानक पंजवानी अभिषेक कलवानी राजू चौधरी सतीश टहलयानी
सपना कलवानी चित्रा पंजवानी सिमी भक्तनी श्रीमती अंजलि रोचवानी श्रीमती प्राची सजनानी साया भक्तानी मंजू वाधवानी माया सोड़ेजा रियल कलवानी चंदा ठाकुर एकता कलवानी शरद गुप्ता ज्योति प्रेमचंदनी रिया संगीता गीता प्रेमानी रीता चौधरी श्रीमती श्वेता अग्रवाल व रामा वेली के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा
Author Profile

- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries
बिलासपुरSeptember 28, 2026बिलासपुर को अमर अग्रवाल की बड़ी सौगात, 5.36 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मिलेगी गति
राष्ट्रीयSeptember 28, 2026मुख्यधारा का स्वर और हाशिए की आवाज : लता मंगेशकर, डॉ. आंबेडकर और आंबेडकरवादी संगीत-संस्कृति का शोधपरक अध्ययन (श्री प्रकाश सिंह निमराजे)
छत्तीसगढ़September 28, 2026लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: सरगुजा व अंबिकापुर में पत्रकारों और एक्टिविस्टों की सुरक्षा हेतु ‘अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति’ ने एसपी बिलासपुर को सौंपा ज्ञापन
बिलासपुरSeptember 27, 2026आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 92 में गूंजा पोषण का संदेश, बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति

