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सामुदायिक भवन में आए दिन हंगामे और डीजे के शोर से कॉलोनी वासी त्रस्त
0 पार्षद की मनमर्जी की कॉलोनी और मोहल्ला वासियों ने की शिकायत

On: May 5, 2023 6:42 PM

सामुदायिक भवन में आए दिन हंगामे और डीजे के शोर से कॉलोनी वासी त्रस्त
0 पार्षद की मनमर्जी की कॉलोनी और मोहल्ला वासियों ने की शिकायत

बिलासपुर। (वायरलेस न्यूज) कस्तूरबा नगर स्थित कॉलोनियों के बीच बने सामुदायिक भवन में आए दिन डीजे चलने और हंगामे से आसपास के निवासी त्रस्त हैं। यहां वार्ड पार्षद द्वारा मनमर्जी से किराए पर शादी ब्याह और अन्य कार्यक्रमों के लिए भवन किराए पर दिया जाता है। कार्यक्रम के दौरान दिन भर और देर रात तक डीजे चलाया जा रहा है। कार्यक्रमों के दौरान नशे में हंगामा भी आम बात है। वार्ड वासियों ने इसकी शिकायत महापौर और सिविल लाइन थाने में भी की है। इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि भवन का उपयोग किसी भी तरह के शांतिपूर्ण कार्यक्रमों के लिए किया जाना है। इसके लिए शर्तों के अंतर्गत भवन देने का प्रावधान है ताकि क्षेत्र में रहने वालों को कोई समस्या न हो। लेकिन यहां के पार्षद भरत कश्यप द्वारा मनमानी करते हुए भवन किराए पर दिया जा रहा है। इससे कस्तूरबा नगर, स्वर्णजयंती नगर, पारिजात कॉलोनी सहित आसपास के निवासी त्रस्त हैं। तेज आवाज में डीजे चलने से पूरे क्षेत्र के निवासियों को ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। रात को यहां कई बार कार्यक्रमों के दौरान नशे में हंगामे की स्थिति भी बनती है, जिससे अप्रिय घटना की आशंका भी बनी हुई है। सबसे बड़ी बात इस सबके लिए जिम्मेदार पार्षद का ध्यान इस तरफ दिलाने पर उसके द्वारा उल्टे दुर्व्यवहार किया जाता है। इसे लेकर पूरे क्षेत्र के लोग आक्रोशित हैं।
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कॉलोनियों के बीच सामुदायिक भवनों को नियम के अंतर्गत और हंगामा व शोर न होने की शर्त पर ही दिया जाना चाहिए। पार्षद अगर मनमर्जी कर रहा है तो यह गलत है। इस मुद्दे पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
रामशरण यादव, महापौर

भवन को मनमर्जी से देना उचित नहीं हैं। नागरिक सुविधा का ध्यान देना जरूरी है ताकि कोई न्यूसेंस न हो। अगर कार्यक्रम के दौरान कोई अप्रिय घटना या वहां के रहवासियों को परेशान किया जाता है तो यह भवन देने वाले की जिम्मेदारी होगी। इस पर संबंधित ज़ोन कमिश्नर से जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
परिवेश तिवारी, टीआई सिविल लाइन

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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