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कृषक उन्नति योजना: राशि पाकर भावुक हो उठी खोमिन बाई देश की सबसे बड़ी आदान सहायता शुरू करने के लिए जताया प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार

On: March 13, 2024 2:32 PM

कृषक उन्नति योजना: आदान सहायता राशि पाकर भावुक हो उठी खोमिन बाई
देश की सबसे बड़ी आदान सहायता शुरू करने के लिए
जताया प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार

रायपुर, 13 मार्च 2024

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना में किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 13 हजार 320 करोड़ रूपए की राशि भेजी तब कई किसानों के आंखों में खुशी के आंसू छलके। वहीं बालोद की महिला किसान श्रीमती खोमिन बाई ठाकुर भावुक हो उठी। दरअसल उनके पति का कुछ वर्षों पहले ही निधन हुआ था। जब खाते में उनके आदान सहायता की राशि मिली तब वह अपने पति को याद कर भावुक हो उठी। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी खोमिन बाई को ढांढस बंधाया। श्रीमती खोमिन बाई के खाते में 5 लाख 77 हजार 710 रूपए की आदान सहायता राशि आई है।
बरबसपुर की रहने वाली महिला किसान खोमिन बाई ने कहा कि पहले खेती किसानी में लागत अधिक लगने से कम लाभ होता था पर अब मुख्यमंत्री जी ने प्रति एकड़ 21 किविंटल धान खरीदने और धान की कीमत 3100 रुपये में देने से खेती-किसानी लाभप्रद हो गई है। ऐसे किसान हितैषी सरकार के मुखिया श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।
श्रीमती खोमिन ने बताया कि उनके पास कुल 30 एकड़ जमीन हैं। इस वित्तीय वर्ष में बेचे गए धान का समर्थन मूल्य की राशि 13 लाख 75 हजार रूपए पहले ही मिल चुकी है। अंतर की राशि आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाकर मुझे काफी खुशी हो रही है। मैंने 5 एकड़ में रबी फसल की बोनी की है। समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा घोषित किए गए उपार्जन मूल्य के अंतर की राशि के रूप में उन्हें 5 लाख 77 हजार 710 रूपए की राशि मिली है। इस राशि से वह खेती-बाड़ी और बच्चों की पढ़ाई में खर्च करेगी।
श्रीमती खोमिन बाई ने बताया कि उनके पति आज जीवित होते तो वे बहुत खुश होते। उनके होने से परिवार की खुशी दोगुनी हो जाती। उनके पति का निधन कोविड से हुआ है। तब से वह खेती-किसानी कर परिवार की जिम्मेदारी को वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि चार लोगो का भरा पूरा परिवार था, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, फिर भी वह पूरे हिम्मत के साथ परिवार के पालन पोषण कर रही है। उनका एक लड़का है वह 12वी तक पढ़ाई किया है और एक लड़की वर्तमान में दुर्ग में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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