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शास्त्रीय संगीत को जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी:केंद्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास आठवले* *सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री आठवले 39वें चक्रधर समारोह में हुए शामिल*

On: September 16, 2024 10:01 AM

*रायगढ को बताया संगीत का गढ़,राजा चक्रधर के योगदान को अविस्मरणीय बताया*

रायगढ़ 15 सितंबर 2024/ 39वें चक्रधर समारोह में आज भारत सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभाग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में दीप प्रज्वलित कर उन्होंने मंच से लोगों को सम्बोधित किया और कहा कि संगीत के क्षेत्र में रायगढ की पहचान है। रायगढ का नाम देशभर में फैले इसके लिए हम सभी को शास्त्रीय संगीत को जीवित बनाये रखना है। उन्होंने वर्तमान में बन रही फिल्मों और गीत संगीत की परवाह न करते हुए शास्त्रीय संगीत को जीवित रखने की दिशा में इस तरह के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री श्री आठवले ने शास्त्रीय संगीत को आगे बढ़ाने और उन्हें पहचान दिलाने में राजा चक्रधर के योगदान को अविस्मरणीय बताया और कहा कि संगीत हमारे देश का सुनहरा तारा है। संगीत से किसी का दिल जीता जा सकता है। संगीत प्रेरणा देती है और इससे भविष्य निर्माण की शक्ति मिलती है। जीवन आनंदमय होकर आगे की ओर बढ़ता है।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री आठवले ने राजा चक्रधर के संगीत के क्षेत्र में योगदान की प्रशंसा की और कहा कि अपनी संगीत विद्या तथा ग्रंथो की रचना से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने राजा चक्रधर के विजन को आगे ले जाने की दिशा में आगे बढ़ने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए सभी के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री श्री आठवले ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने देश का संविधान लिखा और सभी समाज को समान रूप से आगे बढ़ाने का काम किया। हम उनको धन्य मानते हैं वे सबसे बड़े लोकतंत्र के महामानव है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार देश को विकास के रास्ते मे ले जाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आदिवासी, दलित,पिछड़े वर्ग सहित सभी समाज के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने संगीत के क्षेत्र में प्रशिक्षित मर्मज्ञों को स्मरण करते हुए राजा चक्रधर को आदरांजलि अर्पित की तथा रायगढ के राज्य सभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया,कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल सहित रायगढ एवं छत्तीसगढ़वासियों की प्रशंसा की। इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया,कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल आदि उपस्थित थे।

*यह गर्व की बात है कि आदिवासी राजा ने रायगढ घराने की रचना की*

समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री रामदास आठवले ने कहा कि यह विस्मय और गर्व की बात है कि एक आदिवासी राजा महाराज चक्रधर सिंह ने कथक का चौथा घराना, रायगढ घराना की रचना की। शास्त्रीय नृत्यों-संगीत के इतिहास में महाराजा चक्रधर सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनका लगाव संगीत के अलावा साहित्य और खेलों में था। उन्होंने संगीत के अनमोल ग्रंथो की रचना की। उनके बोए संगीत का यह पौधा अब चक्रधर समारोह के आयोजन से देश विदेश तक विशाल सांस्कृतिक वृक्ष के रूप में परिवर्तित हो गया है। मुझे यहाँ आकर ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं एक सांस्कृतिक कुंभ में एक तीर्थ यात्रा में आया हूँ और मेरी कोशिश होगी कि आगे भी यहाँ आता रहूँगा।

*अपनी रचना और संगीत के प्रति योगदान से राजा चक्रधर अमर हो गए: राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह*

समारोह को सम्बोधित करते हुए राजा चक्रधर सिंह के पोते और राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यब बहुत हिअ सौभाग्य की बात है कि चक्रधर समारोह में पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में श्री रामदास आठवले जी आए हैं। दिल्ली में उनसे मिलकर मैं बहुत प्रभावित हुआ और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी उनके कायल है। वे वरिष्ठ सांसद है और आदिवासी, दलित तथा पिछड़े वर्गों के मुद्दों को संसद में उठाते हैं। उन्होंने मंच से लोगों को बताया कि उनके दादा संगीत प्रेमी थे। समय के साथ मूल अस्तित्व को खोती जा रही भारतीय संस्कृति व कला को जीवित रखने की दिशा में उन्होंने अनेक साहित्य की रचना की। उनके संगीत के प्रति योगदान को देखते हुए चक्रधर समारोह का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। उनके नाम पर पुरस्कार है। राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि देश में अनेक गोड़ राजा थे। जो न जाने कहाँ विलुप्त हो गए। संगीत के प्रति योगदान और अपने कार्यों से राजा चक्रधर सिंह अमर हो गए।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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