🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

कोरोना मरीजों की आपदा को अवसर में न बदले निजी चिकित्सालय :- पूनम सोलंकी इलाज के दौरान मानवता धर्म का स्मरण रखे

On: April 12, 2021 10:38 AM

रायगढ :- कोरोना के द्वितीय चरण की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष पूनम सोलंकी ने निजी चिकित्सालयों नर्सिंग होम संचालकों से अनुरोध करते हुए कहा है कि कोरोना की वजह से मरीजों पर आई आपदा को आर्थिक अवसर में न बदले l जनहित के मद्देनजर निजी हॉस्पिटल के दोहन व शोषण पर कोई ठोस नियम बनाये जाने की जरूरत भी जताई l जिस तरीक़े से कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे है इस मसले पर सरकार की खामोशी आम जनता के साथ अन्याय व शोषण का कारण बन सकती है l इस दिशा में अविलंब ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई ताकि कोरोना के मरीजों के इलाज हेतु एक व्यय सुनिश्चित किया जा सके l लॉक डाउन की वजह से आम लोगो की आय पर भी असर पड़ा है l खाली जेबे और घर पर बीमारी की वजह से आम जनता हलाकान हो रही है l कोरोना इलाज हेतु आयुष्मान कार्ड से भुगतान की व्यवस्था लागू किये जाने की मांग भी नेता प्रतिपक्ष पूनम सोलंकी ने की है l कोरोना पीड़ितों के इलाज के दौरान मानवता का धर्म का स्मरण रखने की सलाह देते हुए कहा कि इलाज के दौरान मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए l कोरोना के इलाज की वजह से अन्य बीमारियों के इलाज पर भी विपरीत असर पड़ रहा है l समय रहते यह सुनिश्चित करना होगा कि कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों के मरीजों को परेशानी नही होनी चाहिए l साथ ही इलाज की दर पुनः सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि मरीजों के परिजनों को वास्तविक दर से अवगत कराया जा सके l मध्यम वर्गीय व गरीबो की स्थिति यदि गंभीर होती है और वे महँगे इलाज का खर्च वहन नही कर सकते इसके लिए समय रहते व्यवस्था बनाई जानी चाहिए ताकि उनके परिजनों को इलाज हेतु भटकना नहीं पडे l इसके अलावा गभीर स्थिति के इलाज हेतु समय रहते सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि इन वक्त पर परेशानी का सामना न करना पड़े l नेता प्रतिपक्ष ने सेठ किरोड़ीमल की दानवीरता का स्मरण करते हुए उद्योगपतियो से मार्मिक अपील की है कि संकट की इन घड़ी में वे उदार हृदय का परिचय दे और कोरोना इलाज हेतु सुविधाओ के विस्तार में दिल खोल कर मदद करे l यही वह समय है जब हम किरोड़ीमल जी की दानवीरता की परंपरा को अक्षुण्ण बनाये रखेंगे l

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment