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रायगढ़: आरपीएफ महिला आरक्षक खिलेश्वरी सिन्हा ने अपनी जान की परवाह किये दिव्यांग यात्री की जान बचाई

On: April 13, 2021 4:45 PM
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रायगढ़ (अनिल आहूजा वायरलेस न्यूज़ ) रायगढ़ रेल्वे स्टेशन में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब बिलासपुर की ओर जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस में चढ़ने के समय एक विकलांग का पैर फिसल गया इतना देखते हरकत में आई रायगढ़ की एक बहादुर आरक्षक महिला ने उस विकलांग यात्री के हाथों को खींच कर उसकी जान बचाई जो आज चर्चा का विषय रही । रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक राजेश वर्मा ने बताया कि 13 अप्रैल को दोपहर 12/33 बजे रायगढ़ रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर गाड़ी संख्या 08477 उत्कल एक्सप्रेस आई ट्रेन में एक दिव्यांग यात्री महेश शर्मा जयपुर राजस्थान को रायगढ़ से बिलासपुर जाना था। ट्रेन में उसके साथ तीन अन्य साथी ट्रेन में चढ़ गए लेकिन उसके चढ़ने ट्रेन स्टार्ट हो गई और उक्त दिव्यांग यात्री ट्रेन में चढ़ने के दौरान फिसल गया । और वह रेल लाइन और प्लेटफार्म के बीच मे काफी देर तक घसीटता रहा जिसे देखते ही रायगढ़ प्लेटफार्म में कार्यरत आरपीएफ महिला आरक्षक खिलेश्वरी सिन्हा ने अपनी जान की परवाह किये बैगर उक्त जयपुर के दिव्यांग यात्री महेश शर्मा को प्लेटफार्म में दौड़ कर कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए उसके दोनों हाथ को पकड़कर खीचते हुए बाहर निकाला एवं एक बड़ी दुर्घटना टल गई। ये दृश्य देखकर प्लेटफार्म में खड़े कई यात्रियों के रोंगटे खड़े हो गए। आरपीएफ की महिला आरक्षक की कई यात्रियो ने मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उनको शाबासी और सेल्यूट देते हुए उनका आभार व्यक्त किया । उस दिव्यांग यात्री से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम पता महेश कुमार शर्मा उम्र 35 वर्ष निवासी जयपुर राजस्थान बताया उसका eft नंबर 30103 था। गाड़ी संख्या 08477 उत्कल एक्सप्रेस के जाने के बाद उक्त यात्री को गाड़ी संख्या 03288 साउथ बिहार एक्सप्रेस से बिलासपुर के लिए आरपीएफ ने बिठवा दिया। आरपीएफ रायगढ़ पोस्ट की इस बहादुर महिला आरक्षक खिलेश्वरी सिन्हा के इस कार्य से आरपीएफ रायगढ़ का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

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Amit Mishra
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अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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