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42 पूर्व न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के समर्थन में लिखा खुला पत्र,बिना सबूत ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर उठाए सवाल, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों पर जताई चिंता

On: October 8, 2026 10:28 AM

*42 पूर्व न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के समर्थन में लिखा खुला पत्र
*बिना सबूत ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर उठाए सवाल, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों पर जताई चिंता


नई दिल्ली। (वायरलेस न्यूज नेटवर्क) चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के बीच 42 पूर्व न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के समर्थन में खुला पत्र जारी किया है। पूर्व न्यायाधीशों ने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने के प्रयासों को लेकर चिंता जताई है।
खुले पत्र में पूर्व न्यायाधीशों ने बिना ठोस सबूत के लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें बदनाम करना लोकतांत्रिक अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने चेताया कि किसी संवैधानिक संस्था को बार-बार ‘चोर’ या मिलीभगत करने वाली संस्था बताने से जनता का संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
पूर्व न्यायाधीशों ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का भी समर्थन किया। पत्र में इसे मतदाता सूची को अधिक स्पष्ट और सही बनाने के उद्देश्य से की जाने वाली कानूनी प्रक्रिया बताया गया है।
पत्र में कहा गया कि ‘भरोसा लोकतंत्र की करेंसी है।’ चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर लगातार सवाल खड़े करने से लोकतांत्रिक व्यवस्था में अविश्वास बढ़ सकता है तथा अशांति की स्थिति पैदा हो सकती है। पूर्व न्यायाधीशों ने राजनीतिक दलों से अपनी शिकायतों को निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से चुनाव आयोग तक पहुंचाने की अपील भी की।
इस पत्र के जरिए पूर्व न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आरोपों को प्रमाण और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर उठाया जाना चाहिए।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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