जशपुर (सुनीता गुप्ता वायरलेस न्यूज़):-जशपुर जिले में 7 ब्लॉक में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भर्ती प्रक्रिया को लेकर संसदीय सचिव यूडी मिंज ने कहा कि चयन की प्रक्रिया ही गलत है जिसके जांच की करवाई चल रही है । प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री बघेल जी का स्वामी आत्मानंद स्कूलों को लेकर काफी गंभीर हैं और उनका स्पष्ट निर्देश है कि इसमें किसी भी प्रकार के अपारदर्शी रवैया नहीं अपनाना है। पूरे प्रदेश में 171 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए हैं जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयं रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम स्कूल में किसी भी भर्ती को लेकर के यदि लापरवाही की जाती है तो निश्चित रूप से इसके परिणाम अच्छे नहीं आएंगे ।प्रदेश के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अंग्रेजी शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं और इसमें किसी भी प्रकार का लापरवाही उन्हें बर्दाश्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग इसमें बार बार अपना बयान बदल रहे है पहले वे पता लगा लें की शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही प्रक्रिया क्या है और किस प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती की जा रही है। कभी वह इसके पक्ष में हो जाते हैं और कभी विरोध में खड़े हो जाते हैं उन्हें भर्ती प्रक्रिया की विशेष जानकारी नहीं है इसीलिए वह अनाप शनाप बयान बाजी कर रहे हैं उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जो प्रक्रिया की गई है वह वह बिल्कुल अपारदर्शी है और नियम के विरुद्ध है जिसकी जानकारी अभ्यर्थियों के माध्यम से मुझे मिली और प्रथम दृष्टया पाया गया कि इसमें काफी गलतियां विषनगतियाँ है जिस के संबंध में मैंने आवाज उठाई है।
उन्होंने कहा कि जशपुर में 30 हजार अभ्यर्थियों ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया है उनमें कई अभ्यर्थियों के द्वारा प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की गई है ,इसकी जांच प्रक्रियाधीन है, हमारी मंशा है कि योग्य उम्मीदवारों को स्थान मिले जो योग्य उम्मीदवार जिनका की चयन हो चुका है उनके साथ न्याय होगा और जिनके साथ अन्याय हुआ है उनके साथ भी न्याय होगा। कुछ अभ्यर्थियों के द्वारा कहा जा रहा है कि उनका चयन हो गया वो किस आधार पर यह दावा कर रहे हैं जबकि आदेश तो जारी हुआ नई है। उन्होंने कहा कि संयुक्त संचालक के द्वारा पूरी दस्तावेजों की जांच की जा रही है जांच के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी योग्य उम्मीदवारों को अवश्य ही स्थान मिलेगा इसमें उन्हें घबराने की कोई बात नहीं है कुछ लोग जो अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं उन्हें प्रक्रिया को अध्ययन करने की जरूरत है जो अभ्यर्थी इस बात को उठा रहे हैं कि उनके साथ या उनकी बात विभाग ने नहीं सुनी है उनकी भी बात को सुनते हुए आगे की करवाई किया जाना चाहिए ।
उन्होंने कहा किजो भी बातें इसमें आई है की स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन ,विज्ञापन प्रकाशन ,दावा आपत्ति ,मेरिट सूची साक्षात्कार आदि से संबंधित प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों के द्वारा प्रश्न चिन्ह लगाए गए हैं उसके अनुसार मैंने जांच की मांग की है और निश्चित रूप से जांच के बाद सभी अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा ,ऐसी मेरी आशा है ।
उन्होंने कहा कि मुझे ज्ञात हुआ है कि कुछ अभ्यर्थियों के द्वारा मेरे विरुद्ध में लिखकर के कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है आखिर उन्हें ऐसा करने के लिए कोई ना कोई प्रेरित कर रहा होगा कोई ना कोई व्यक्ति मेरे खिलाफ इस साजिश में शामिल होगा हां मुझे यह भी ज्ञात हुआ है की कुछ अभ्यर्थी जो कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संपर्क में है या जिला शिक्षा अधिकारी के संपर्क में है उनके द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है। इस संबंध में मेरी मांग है कि आखिर जिन कैंडिडेट के नंबर विभाग में है वह नंबर किनके माध्यम से इन अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए गए हैं जिनके द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर के मेरे विरुद्ध षडयंत्र रचने का काम किया गया है ,ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है। चाहे वह अभ्यर्थी हो या कोई अन्य व्यक्ति होगा उन्होंने कहा कि इन के पीछे जरूर ऐसा कोई व्यक्ति है जो इनको गुमराह करते हुए इनका उपयोग कर रहा है । अभ्यर्थियों को इन सब राजनीति में पढ़ने की जरूरत नहीं है अगर वह उनकी नियुक्ति नियमानुसार हो रही है तो उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है । आखिर वह ऐसा किसके कहने पर कर रहे हैं इसकी जांच करना भी जरूरी है उन्होंने कहा कि उन्होंने बार-बार मांग कर रहे हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया सही है आरक्षण रोस्टर का पालन किया गया है आखिर इनके अंदर का बात जो नियुक्ति से संबंधित है इन्हें कैसे ज्ञात हो रहा । निश्चित रूप से इसमें विभाग का कोई व्यक्ति या अधिकारी शामिल है जो इनका मार्गदर्शन कर रहा है और जानकारी उपलब्ध करा रहा है यदि ऐसा है तो इनके विरुद्ध भी कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है उन्हें नहीं अभी कहा कि जब 11 सितंबर को अवकाश के दिन कुछ अभ्यर्थियों के द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन दिया जा चुका था उसके बाद 13 तारीख को पुनः उन्हीं लोगों के द्वारा समूह बनाकर फिर से ज्ञापन देने की क्या आवश्यकता है आखिर किसके कहने पर यह संयुक्त संचालक को ज्ञापन दे रहे हैं और जो ज्ञापन उन्होंने दिया है वह यह प्रदर्शित करता है कि निश्चित रूप से इसमें विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल है जो इनका मार्गदर्शन कर रहे हैं इसकी जांच की मांग करता हूं उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री माननीय शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री शिक्षा सचिव को अवगत करा दिया गया है और मैं सभी अभ्यर्थियों को आश्वस्त करता हूं कि जिन्होंने प्रक्रिया में गड़बड़ी के संबंध में मुझे अवगत कराया है उनके साथ अवश्य ही न्याय होगा।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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