रायगढ़। (वायरलेस न्यूज़) जिले में फ्लाई एश मैनेजमेंट बेहद कमजोर है। न कोई प्लानिंग है और न कोई विजन। पावर प्लांटों से निकलने वाले एश को कहीं भी डंप कर दिया जा रहा है। इसे वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ रहा है। मिट्ठूमुड़ा रोड पर कई प्लॉटों में एश डंप किया गया है, जो हवा के साथ आसपास के मोहल्लों में पहुंच रहा है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने फ्लाई एश की डंपिंग लो लाइंग एरिया में करने पर प्रतिबंध लगाया है। पहले पावर प्लांट से निकल रहा फ्लाई एश ट्रांसपोर्टर के माध्यम से गांवों में डंप कर दिया जाता था। एनजीटी के आदेश पर कलेक्टर ने इस पर प्रतिबंध लगाया है। अब इसका इस्तेमाल केवल प्रतिबंधित खदानों के भराव में किया जाना है लेकिन पहले एश गांवों तक ही सीमित था। अब यह शहर की सीमा में दाखिल हो गया है। धूल के गुबार में सने शहर की हवा में अब फ्लाई एश के पार्टिकल भी मिल गए हैं। मिट्ठूमुड़ा रोड में कई खाली प्लॉटों पर फ्लाई एश डंप किया गया है। यहां से उड़कर एश पास के कॉलोनियों में घुस रहा है। यह इलाका अब धीरे-धीरे आबादी क्षेत्र में बदल रहा है। इसके साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। इस दिशा में पर्यावरण विभाग कोई ध्यान नहीं देता। कभी विभाग फ्लाई एश डंपिंग पर कार्रवाई नहीं करता।
–समाचार
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